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‘शराबबंदी का फिर से सर्वेक्षण पैसे की बर्बादी’ सुशील मोदी बोले- जातीय गणना के साथ ही सर्वे क्यों नहीं कराया ?

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राज्य में सभी राजनीतिक दल शराबबंदी के पक्ष में हैं तब फिर एक बार शराबबंदी पर घर-घर जाकर सर्वेक्षण

‘शराबबंदी का फिर से सर्वेक्षण पैसे की बर्बादी’ सुशील मोदी बोले- जातीय गणना के साथ ही सर्वे क्यों नहीं कराया ?
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राज्य में सभी राजनीतिक दल शराबबंदी के पक्ष में हैं तब फिर एक बार शराबबंदी पर घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना पैसे की बर्बादी है। यदि सर्वेक्षण कराना ही था तो जातीय गणना के सर्वेक्षण में ही शराबबंदी से जुड़े प्रश्नों को शामिल किया जा सकता था।


सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा ने हमेशा शराबबंदी का समर्थन किया है परंतु इसके क्रियान्वयन में सरकार पूर्णतया विफल है। खुलेआम शराब बिक रही है और होम डिलीवरी हो रही है। थानों और प्रशासन की अवैध कमाई का जरिया शराबबंदी बन चुका है।


उन्होंने ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद गांव-गांव अवैध शराब का निर्माण चल रहा है। अन्य राज्यों से अवैध शराब के व्यापार को सरकार रोक नहीं पाई है। अन्यथा 2 करोड़ 16 लाख लीटर शराब जिसमें 75 लाख लीटर देसी शराब अभी तक जप्त की जा चुकी है, सरकार बताये ये कहां से आई है?


सुशील मोदी ने कहा कि 6 लाख 27 हजार लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं जिसमें 80% जमानत पर हैं। मात्र 1,522 लोगों को ही सजा हो पाई है जो कुल गिरफ्तारी का 0.0002% है। उन्होंने ने कहा कि सर्वेक्षण में कौन कहेगा कि शराबबंदी गलत है फिर इस पर अरबों खर्च करने का क्या औचित्य है? बिहार को हर साल शराबबंदी से 10 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। अभी तक सरकार इसकी क्षतिपूर्ति का विकल्प खोज नहीं पाई है।