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नगर निकाय चुनाव पर कुछ देर में बड़ा फैसला: रातो-रात अति पिछड़ा आयोग गठन कर सरकार ने हाईकोर्ट में डाला पुनर्विचार याचिका

PATNA: बिहार में नगर निकाय चुनाव को लेकर कुछ देर में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आ सकता है. नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल टेस्ट के आदेश को मानने के वादे के साथ हाईकोर्ट मे

नगर निकाय चुनाव पर कुछ देर में बड़ा फैसला: रातो-रात अति पिछड़ा आयोग गठन कर सरकार ने हाईकोर्ट में डाला पुनर्विचार याचिका
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार में नगर निकाय चुनाव को लेकर कुछ देर में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आ सकता है. नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल टेस्ट के आदेश को मानने के वादे के साथ हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस की बेंच ने साढ़े चार बजे फिर से सुनवाई करने का फैसला लिया है. उम्मीद जतायी जा रही है कि कुछ देर में बड़ा फैसला आ सकता है.


सरकार ने रातोरात बनाया अति पिछड़ा आय़ोग

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर रखा है कि स्थानीय निकाय चुनाव में तभी पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिया जा सकता है जब सरकार ट्रिपल टेस्ट कराये. यानि सरकार ये पता लगाये कि किस वर्ग को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है. नीतीश सरकार सुप्रीम कोर्ट का फैसला माने बगैर चुनाव कराने में लगी थी, जिस पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया था.


अब राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने की कवायद शुरू की है. नीतीश सरकार ने रातो रात बिहार में अति पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक यही आयोग सूबे में उन जातियों का पता लगायेगी जिन्हें पर्याप्त राजनीतिक भागीदारी नहीं मिली है. राज्य सरकार इसी आयोग का हवाला देकर हाईकोर्ट में गयी है. उसने हाईकोर्ट को कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक ट्रिपल टेस्ट कराने की प्रक्रिया में लग गयी है.


दिसंबर से पहले हो सकता है चुनाव

हाईकोर्ट में राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अपना पक्ष रखा. आयोग ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय मानकों का पालन कर बिहार में दिसंबर से पहले चुनाव करा सकती है. अब देखना ये है कि हाईकोर्ट क्या फैसला सुनाती है. वैसे कोर्ट में राज्य सरकार ने ये भरोसा दिलाया है कि अति पिछड़ा आयोग की अनुशंसा पर नगर निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें तय कर बताएंगे.


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