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मीडिया में चल रही खबरों का उपेंद्र कुशवाहा ने किया खंडन, कहा-"मेरे लिए पद बड़ा नहीं, मिशन बड़ा है और आइडियोलॉजी बड़ी है"

PATNA: मंत्री नहीं बनाये जाने के बाद नाराज होने की खबरों का खंडन करते हुए जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि 'मेरे लिए पद बड़ा नहीं, मिशन बड़ा है, आइ

मीडिया में चल रही खबरों का उपेंद्र कुशवाहा ने किया खंडन, कहा-"मेरे लिए पद बड़ा नहीं, मिशन बड़ा है और आइडियोलॉजी बड़ी है"
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: मंत्री नहीं बनाये जाने के बाद नाराज होने की खबरों का खंडन करते हुए जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि 'मेरे लिए पद बड़ा नहीं, मिशन बड़ा है, आइडियोलॉजी बड़ी है। आज की तारीख में पार्टी संगठन के लिए काम करना हमारे लिए सबसे बड़ा धर्म है। 


उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार से बाहर होने के कारण मेरे बारे में अनेक तरह की भ्रामक एवं अनाप-शनाप खबरें प्रचारित की गई। ऐसी अनर्गल बातों को हवा देने वाले महानुभवों को यह मालूम होना चाहिए कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी पद नहीं मिलने पर उपेंद्र कुशवाहा ने नाराजगी नहीं जताई। बल्कि कई बार अपनी नाराज़गी जताने के लिए बड़े-बड़े पदों को लात जरुर मारी है। 


जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास गवाह है कि मेरे लिए पद बड़ा नहीं, मिशन बड़ा है और आइडियोलॉजी बड़ी है। और इसी आइडियोलॉजी को बर्बाद करने की हो रही साज़िश को नाकाम करने के एक खास मिशन से मैंने अपनी पार्टी का विलय जद (यू.) में करने का फैसला लिया।


हमारे सभी साथियों का यह निष्कर्ष था और है कि राज्य ही नहीं पूरे देश के स्तर पर नीतीश कुमार एक मात्र ऐसे कर्मठ, अनुभवी व साफ छवि के नेता हैं जिनके नेतृत्व में इस विचार धारा को बचाया व बढ़ाया जा सकता है। इसलिए सीधे तौर पर कहना चाहता हूं कि आज की तारीख में पार्टी संगठन के लिए काम करना हमारे लिए सबसे बड़ा धर्म है। ऐसे में बिना मेरा पक्ष जाने ऐसी खबरें क्यों प्रसारित की गयी?उन्होंने कहा कि महानुभावों, मुझ पर कृपा कीजिए, प्लीज़ ।