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किसके पाले में जाएगी हाजीपुर सीट ? एक बार फिर बोले पशुपति पारस ... किसी भी कीमत पर नहीं होगा समझौता, चिराग नहीं मैं हूं सच्चा उत्तराधिकारी

PATNA : क्या एनडीए की बैठक में भी चिराग पासवान और पारस के बीच दूरी खत्म नहीं हो पाई? क्या पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पहल भी रंग नहीं ला पा रही है? क्या पारस हाजीपुर सीट

किसके पाले में जाएगी हाजीपुर सीट ? एक बार फिर बोले पशुपति पारस ... किसी भी कीमत पर नहीं होगा समझौता, चिराग नहीं मैं हूं सच्चा उत्तराधिकारी
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : क्या एनडीए की बैठक में भी चिराग पासवान और पारस के बीच दूरी खत्म नहीं हो पाई? क्या पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पहल भी रंग नहीं ला पा रही है? क्या पारस हाजीपुर सीट से ही चुनाव लड़ेंगे? यह तमाम सवाल बिहार की राजनीति में पिछले कई दिनों से बार-बार पूछे जा रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर पशुपति पारस ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि वह रामविलास पासवान के सच्चे उत्तराधिकारी हैं इसलिए वह किसी भी हाल में हाजीपुर सीट से समझौता नहीं करेंगे।


दरअसल, केंद्रीय मंत्री सह हाजीपुर सांसद पशुपति पारस राजधानी पटना के पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल हुए थे। जहां उन्होंने रामविलास पासवान के जीवन के ऊपर लिखी गई पुस्तक का विमोचन किया और इसी दौरान उन्होंने कहा कि- मैं रामविलास पासवान का उत्तराधिकारी हूं, मुझे मेरे बड़े भाई ने कहा था कि आप हाजीपुर से चुनाव लड़ गए उस टाइम ही मैं चिराग का नाम आगे किया था लेकिन उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया तो हाजीपुर सीट से मैं ही चुनाव लडूंगा।


पारस ने कहा कि रामविलास पासवान जी ने समाज के सबसे गरीब व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने की राजनीति की है। 2019 में मेरे बड़े भाई ने मुझे हाजीपुर से चुनाव लड़ गया था मैंने उनका आदेश माना और बिहार सरकार का मंत्री पद छोड़ सांसद बना इस लिहाजा में रामविलास पासवान जी का सच्चा उत्तराधिकारी हूं। इसलिए मैं किसी भी कीमत पर हाजीपुर सीट नहीं छोडूंगा। 2024 का लोकसभा चुनाव में हाजीपुर सीट से ही करूंगा यह बात साफ और स्पष्ट है।


मालूम हो कि, लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान पिछले कई महीनों से यह कहते फिर रहे हैं कि इस बार उनकी पार्टी हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेगी। यह उनके पापा की कर्मभूमि है ऐसे में वह इसे अपना सब कुछ मानते हैं। इसलिए इस सीट पर हमारी पार्टी चुनाव लड़ेगी। हालांकि, उन्होंने कभी यह बातें नहीं कि वो खुद इस सीट पर चुनाव लड़ेंगे। चिराग का कहना है कि- इस मामले में एनडीए के शीर्ष नेता को सबकुछ तय करना है और इसको लेकर बैठक होगी, इस लिहाजा अभी कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। हालांकि, हाजीपुर उनके पापा का कर्मभूमि है तो यहां का उनको अधिक फ़िक्र रहता है। 


आपको बताते चलें कि, बिहार में भाजपा इस बार अपने चार सहयोगियों के साथ मिलकर बिहार में 40 लोकसभा सीट पर कब्ज़ा जमाना चाहती है। यहां वर्तमान में भाजपा के अकेले 17 लोकसभा सांसद हैं जबकि उनके सहयोगियों को मिला दे हैं तो भाजपा के पास सांसदों की संख्या 23 है। जिसमें पशुपति पारस गुट के नेता और चिराग पासवान का नाम शामिल है। ऐसे में अब चिराग और पारस को लेकर जो बातें निकल कर सामने आ रही है उसको जल्द से जल्द निपटारा करना होगा ।