ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

केके पाठक ने पोस्ट कर बता दिए नियम, स्कूल टाइमिंग में नहीं होगा बदलाव; इन नियमों का दिया हवाला

PATNA : शिक्षा विभाग के मुख्य अपर सचिव केके पाठक ने गर्मी को देखते हुए स्कूल का समय सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया है, लेकिन स्कूल की इस नई समय सारिणी को लेकर बवाल मचा हुआ ह

केके पाठक ने पोस्ट कर बता दिए नियम, स्कूल टाइमिंग में नहीं होगा बदलाव; इन नियमों का दिया हवाला
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : शिक्षा विभाग के मुख्य अपर सचिव केके पाठक ने गर्मी को देखते हुए स्कूल का समय सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया है, लेकिन स्कूल की इस नई समय सारिणी को लेकर बवाल मचा हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि ये समय उनके लिए अनुकूल नहीं हैं। उनके पक्ष में कई नेताओं ने भी सामने आकर सरकार से इस पर जवाब तलब किया था। इसके बाद अब शिक्षा विभाग ने एक पोस्ट के जरिए इसका जवाब दिया है। 


शिक्षा विभाग के तरफ से पोस्ट कर लिखा, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत प्रतिदिन शिक्षकों के लिए कार्य अवधि 7.5 घंटे. (इसमें पठन-पाठन की तैयारी की अवधि निहित हैं)। इस पोस्ट से जाहिर है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इस बार भी किसी की सुनने वाले नहीं हमेशा की तरह वो अपने नियम पर अडिग हैं और समय सारणी में कोई बदलाव नहीं करेंगे। 


वहीं, इससे पहले बीते कल बिहार विधान परिषद के 5 एमएलसी ने शिक्षकों का पक्ष लेते हुए पत्र लिखकर शिक्षा मंत्री से सरकारी स्कूल के समय में बदलाव की मांग की थी। सुबह 6 बजे के बजाए स्कूल का टाइम 6:30 सुबह से 11:30 बजे तक किया जाए। ताकि शिक्षकों को स्कूल आने में कोई परेशानी ना हो। इस पर शिक्षा विभाग ने जवाब देते हुए लिखा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत स्कूल में कार्य अवधि 7.5 घंटे निर्धारित है। 


उधर, सरकार के सहयोगी दल के नेताओं ने भी सरकारी स्कूल के इस समय को गलत माना है और केके पाठक को बीमार तक बता दिया है। विपक्ष तो इसके खिलाफ बोल ही रहा है। अब देखना ये है कि शिक्षा विभाग के इस जवाब के बाद शिक्षक और उनके पक्ष में खड़े नेताओं की क्या प्रतिक्रिया होती है।