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‘देवी-देवता के विरोध में नहीं बल्कि शिक्षा को लेकर पोस्टर लगाया’ विवाद बढ़ने के बाद आरजेडी विधायक की सफाई

PATNA: डेहरी से आरजेडी विधायक फतेह बहादुर सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल के पहले दिन विधायक ने राबड़ी आवास के बाहर विवादित पोस्टर लगाकर सियासत को गर्म कर दिया। विवादित

‘देवी-देवता के विरोध में नहीं बल्कि शिक्षा को लेकर पोस्टर लगाया’ विवाद बढ़ने के बाद आरजेडी विधायक की सफाई
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: डेहरी से आरजेडी विधायक फतेह बहादुर सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल के पहले दिन विधायक ने राबड़ी आवास के बाहर विवादित पोस्टर लगाकर सियासत को गर्म कर दिया। विवादित पोस्टर को लेकर राबड़ी आवास के बाहर राजद कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। विवाद बढ़ता देख राबड़ी आवास में मौजूद विधायक फतेह बहादुर को सामने से आकर सफाई देनी पड़ी। विधायक ने कहा कि उन्होंने देवी देवताओं को लेकर नहीं बल्कि शिक्षा को लेकर पोस्टर लगाया था।


विधायक फतेह बहादुर सिंह ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि जो पोस्टर उन्होंने राबड़ी आवास के बाहर लगाया है वह किसी देवी-देवता को लेकर नहीं है बल्कि शिक्षा को लेकर पोस्टर लगाया है। हम भारत के बच्चों के हाथों में किताब और कलम देखना चाहते हैं। पोस्टर में लिखी गई बातें मेरी नहीं बल्कि सावित्री बाई फुले की तरफ से कही गई है।उनकी लाइन को ही पोस्टर में लिखा गया है। 


उन्हीं बातों को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने भी कहा था। उन्होंने कहा था कि मंदिर की भीड़ जिस दिन स्कूलों की तरफ घूम जाएगी उस दिन भारत को महान बनने से कोई रोक नहीं सकता है। वही बात हमारे नेता तेजस्वी यादव भी कहते हैं कि हम कमल और किताब बांट रहे हैं तो वे लोग तलवार बांट रहे हैं। सावित्री बाई फुले की जयंती मनाने का यही मकसद है कि सभी दलित और पिछड़े समाज के बच्चों के हाथ में किताब और कलम हो।