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बिहार : 16 IPS अफसरों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्यौरा, अब हो सकता है एक्शन; गृह विभाग ने लिखा लेटर

PATNA : बिहार में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो गई है। ऐसे में राज्य के सभी आला अधिकारियों से उनके संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है। ऐसे में अब जो जानकारी निकल कर सामने आई है उसके मुत

बिहार : 16 IPS अफसरों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्यौरा, अब हो सकता है एक्शन; गृह विभाग ने लिखा लेटर
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : बिहार में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो गई है। ऐसे में राज्य के सभी आला अधिकारियों से उनके संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है। ऐसे में अब जो जानकारी निकल कर सामने आई है उसके मुताबिक बिहार कैडर के 16 आईपीएस अफसरों ने अभी तक अपनी संपत्ति का ब्योर प्रशासन को नहीं दिया है। इसके बाद अब इस मामले में गृह विभाग ने डीजीपी को पत्र लिखा है। और एक महीने का वक्त दिया है नहीं तो  फिर एक्शन होगा।


बिहार कैडर के डेढ़ दर्जन आईपीएस अधिकारियों ने वर्ष 2023 की अपनी चल एवं अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। इसको लेकर गृह विभाग ने एक बार फिर डीजीपी आरएस भट्टी को पत्र लिखकर संबंधित पुलिस अधिकारियों को संपत्ति का ब्योरा अपलोड करने के लिए निर्देश देने के लिए कहा है। गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार गृह विभाग ने इसके पूर्व भी नौ जनवरी और पांच मार्च को डीजीपी को पत्र लिखकर संबंधित पुलिस अधिकारियों से चल-अचल संपत्ति का ब्योरा अपलोड कराने को कहा था। 


वहीं, इस लेटर में सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि जो पदाधिकारी वांछित संपत्ति विवरण समर्पित नहीं करेंगे, उन्हें एक माह के अंदर कारण स्पष्ट करते हुए विवरणी समर्पित करने को निर्देशित किया जाएगा। अगर एक माह की अवधि में भी संपत्ति का ब्योरा समर्पित नहीं किया जाता है, तो संबंधित पदाधिकारी व कर्मी के विरुद्ध विधिवत आरोप-पत्र निर्गत करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाई जाएगी।


आपको बताते चलें कि, प्रवीण वशिष्ठ, अरविंद कुमार, डा. परेश सक्सेना, जगमोहन, ओएन भास्कर, हरि प्रसाथ एस, धूरत सायली सावलाराम, आदित्य कुमार, मो. सैफुर्रहमान, शौर्य सुमन, विनीत कुमार, शुभम आर्या, शुभांक मिश्रा, भावरे दीक्षा अरुण के साथ दो प्रमोटी आइपीएस अधिकारी अशोक कुमार चौधरी और मदन कुमार आनंद ने एक अप्रैल तक संपत्ति का ब्योरा समर्पित नहीं किया है। वहीं कुछ पहले बिहार कैडर के आईपीएस और आइएएस अफसरों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया था। जिसमें डीजीपी आरएस भट्टी, शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक समेत आला अधिकारियों ने अपनी संपत्ति की जानकारी दी थी।