ब्रेकिंग
बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाबबिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाब

बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सरकार की सख्ती, पराली जलाने वाले किसानों से नहीं होगी ख़रीददारी

PATNA : मौसम में बदलाव के साथ-साथ बिहार में ठंड बढ़ने लगी है। ऐसे में राज्य में बढ़ता वायु प्रदूषण सरकार के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। अब इन्हीं बातों का ध्यान रखते हुए बिहार

बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सरकार की सख्ती, पराली जलाने वाले किसानों से नहीं होगी ख़रीददारी
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : मौसम में बदलाव के साथ-साथ बिहार में ठंड बढ़ने लगी है। ऐसे में राज्य में बढ़ता वायु प्रदूषण सरकार के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। अब इन्हीं बातों का ध्यान रखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल अवशेष (पराली) जलाने वाले किसानों से धान की खरीद नहीं की जाए। साथ ही बार-बार पराली जलाने वालों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।


दरअसल, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने फसल अवशेष प्रबंधन पर बैठक की। इसके बाद उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि जैसे-जैसे धान कटनी का समय आएगा, वैसे-वैसे राज्य में वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने की आशंका है। इसलिए उन प्रखंडों और पंचायतों में सर्तकता बरतें जहां पहले फसल अवशेष जलाने की शिकायत मिली है। 


इसके साथ ही उन्होंने साफ़ तौर पर यह कहा है कि, जहां से भी पराली जलाने की शिकायत मिलती है वहां के किसानों का डीबीटी पंजीकरण रद्द करें। उन्हें सभी प्रकार के अनुदान से वंचित कर दें। इसकी सूची प्रखंड कार्यालय में प्रदर्शित करें। उन्हें धान अधिप्राप्ति के लाभ से भी वंचित करने की कार्रवाई करें। मालूम हो कि, इससे पहले राज्य में किसानों से पराली को खेतों में न जलाने की अपील की गई थी। 


आपको बताते चलें कि, कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने धान की कटनी को देखते हुए फसल अवशेष नहीं जलाने को कहा था। और धान की खूंटी, पुआल आदि खेतों में जलाने की बजाए उचित प्रबंधन का निर्देश दिया था। दरअसल धान की कटाई के बाद किसान अपने खेतों के अंदर ही फसलों के अवशेष यानी पराली को जला देते हैं। जिससे वायुमंडल को भी नुकसान पहुंचता है और वायु प्रदूषण भी घातक हो जाता है।