Pappu Yadav: सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने छात्रों के आंदोलन के समर्थन में संसद परिसर में विपक्षी दलों के प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और कहा कि अगर मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा के बाहर आयोजित विपक्षी दलों के प्रदर्शन में शामिल पप्पू यादव ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद पर बनाए रखने के विरोध में है।
पप्पू यादव ने कहा कि देश के युवा लगातार पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की मांगों और उनकी आवाज का सम्मान होना चाहिए, दमन नहीं। उन्होंने कहा, "हम छात्रों के अधिकार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की लड़ाई में उनके साथ हैं। संसद से लेकर सड़क तक उनकी आवाज उठाते रहेंगे।"
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री से इस्तीफा नहीं लिया जा सकता तो प्रधानमंत्री को भी जिम्मेदारी लेनी होगी।
विपक्षी नेताओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्षी नेताओं के साथ व्यवहार किया गया, उससे यह सवाल उठता है कि आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ कैसा बर्ताव हुआ होगा।
पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और जनता इसका जवाब देगी। सांसद ने कहा कि छात्र और युवा देश का भविष्य हैं। उनकी समस्याओं का समाधान बल प्रयोग से नहीं बल्कि संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही के जरिए किया जाना चाहिए।




