Bihar News: बिहार में एक बार फिर नदियों के उफान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगा, गंडक, पुनपुन और सोन समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, कटिहार, सारण, वैशाली, समस्तीपुर और पटना समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी आबादी और प्रमुख सड़कों तक पहुंच गया है। इस बीच अलग-अलग घटनाओं में पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत की खबर है।
नेपाल और तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर गंडक नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दूसरी ओर गंगा में कुछ स्थानों पर जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है, लेकिन इससे बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। पुनपुन और सोन नदी के उफान ने भी कई इलाकों में नई चुनौती पैदा कर दी है।
पांच लोगों की डूबने से मौत
बाढ़ के पानी में डूबने से सारण, वैशाली और खगड़िया में पांच लोगों की मौत हुई है। सारण जिले के सोनपुर में दो लोगों की डूबने से मौत हुई, जिनमें एक महिला भी शामिल है। वहीं वैशाली जिले के राघोपुर में एक युवक और एक किशोर की पानी में डूबने से जान चली गई।
खगड़िया सदर प्रखंड के रहीमपुर में भी बाढ़ के पानी में डूबने से तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद प्रभावित इलाकों में लोगों से बाढ़ के पानी से दूर रहने और बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की जा रही है।
खगड़िया में अस्पताल और स्कूल भी बाढ़ की चपेट में
खगड़िया में बाढ़ का असर केवल गांवों और घरों तक सीमित नहीं है। गोगरी प्रखंड के तीन और परबत्ता प्रखंड के पांच सरकारी अस्पताल बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पानी घुस गया है।
इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के सामने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ जरूरी सेवाओं को चालू रखना बड़ी चुनौती बन गई है।
समस्तीपुर में बांध टूटा, 45 स्कूलों में पढ़ाई ठप
समस्तीपुर में गंगा का उफान लगातार बना हुआ है। मोहनपुर प्रखंड के डुमरी में शनिवार की मध्यरात्रि बांध टूट गया। इसके बाद आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा।
जिले में बाढ़ के कारण 45 स्कूलों में पढ़ाई ठप हो गई है। कई सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद करनी पड़ी हैं।
भागलपुर में NH-80 पर दो फीट पानी
भागलपुर में भी बाढ़ ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। भवनाथपुर के पास NH-80 पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। इसके कारण भागलपुर-अकबरनगर मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
सड़क पर पानी का बहाव बढ़ने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। स्थानीय स्तर पर लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी जा रही है।
मुंगेर में डायवर्जन बहा, संपर्क मार्ग कटा
मुंगेर में महाने नदी के उफान ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टेटिया बंबर प्रखंड के बरसंडा गांव के पास नदी के तेज बहाव में डायवर्जन बह गया। इससे थाना, अस्पताल और बाजार को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग कट गया है।
संपर्क मार्ग बाधित होने से आसपास के लोगों को जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। बाढ़ और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आवागमन को लेकर प्रशासन को लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है।
पटना में भी खतरा बरकरार
राजधानी पटना में गंगा के मनेर, दीघा और गांधी घाट पर जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुनपुन और सोन नदी के बढ़े जलस्तर का दबाव कई इलाकों में दिखाई दे रहा है।
पटना जिले में बिहटा-सरमेरा राष्ट्रीय पथ की एक लेन मिट्टी धंसने के कारण बंद करनी पड़ी है। वहीं मोकामा में NH-80 पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। इससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों की चिंता बढ़ी हुई है।
कई जिलों में हालात पर नजर
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार बदल रही है। कहीं नदी का जलस्तर कम हो रहा है तो कहीं नए इलाकों में पानी पहुंच रहा है। गंगा और गंडक के साथ पुनपुन और सोन जैसी नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, सड़क संपर्क बहाल रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने की है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले पानी में जाने से बचने की जरूरत है।





