Bihar Politics: बिहार में महागठबंधन का सीएम चेहरा कौन? पप्पू यादव के बयान से मचा सियासी घमासान; फिर से बढ़ गई तेजस्वी की टेंशन

Bihar Politics: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं राजेश राम और तारिक अनवर को महागठबंधन का संभावित सीएम चेहरा बताया, जिससे तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर महागठबंधन में हलचल मच गई है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 15, 2025, 10:26:42 AM

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अपमान का बदला लेंगे पप्पू यादव! - फ़ोटो google

Bihar Politics: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने बयान दिया कि कांग्रेस के पास भी कई मुख्यमंत्री पद के योग्य चेहरे हैं, जिनमें उन्होंने राजेश राम और तारिक अनवर का नाम लिया।


इस बयान के बाद महागठबंधन के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खासकर राजद खेमे में बेचैनी देखी जा रही है, जिसने पहले ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर रखा है। यह पहली बार था जब पप्पू यादव कांग्रेस की किसी बिहार चुनाव संबंधी रणनीतिक बैठक में शामिल हुए। बैठक में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी मौजूद थे। 


चर्चा आगामी चुनाव में गठबंधन की रणनीति को लेकर हुई। सूत्रों के मुताबिक, पप्पू यादव की राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से अलग से भी बातचीत हुई। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री पद के लिए कई योग्य चेहरे हैं। राजेश राम और तारिक अनवर इनमें से हैं। मैं राहुल गांधी की विचारधारा को बिहार के हर घर तक ले जाने की कोशिश करूंगा।


पप्पू यादव के इस बयान से नाराज़ राजद ने कहा है कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे, हैं और रहेंगे। पप्पू यादव जो कह रहे हैं, वह कांग्रेस का आधिकारिक बयान नहीं है। 2020 में भी तेजस्वी चेहरा थे, 2025 में भी वही होंगे। इस मुद्दे पर राहुल गांधी, सोनिया गांधी या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की राय ही मायने रखती है।


बता दें कि कुछ दिनों पहले पटना में महागठबंधन द्वारा वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध में आयोजित चक्का जाम प्रदर्शन के दौरान एक और सियासी विवाद हुआ था। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ जा रहे खुले ट्रक पर पप्पू यादव को चढ़ने से रोक दिया गया था। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को भी ट्रक पर जगह नहीं दी गई थी। इस घटना को एनडीए नेताओं ने अपमान बताया था।


पप्पू यादव और लालू-तेजस्वी परिवार के बीच रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया था और कांग्रेस के टिकट पर पूर्णिया से चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन तेजस्वी यादव ने यह सीट कांग्रेस को नहीं दी और बीमा भारती को RJD से टिकट दिया। तब पप्पू यादव ने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।