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नीतीश महागठबंधन में रहेंगे या NDA के साथ जाएंगे? प्रशांत किशोर ने बताई असली रणनीति

PATNA: बीजेपी से नीतीश की दोस्ती वाले बयान के बाद बिहार सियासत तेज हो गई है। एक तरफ जहां बीजेपी ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि नीतीश की वापसी एनडीए में कभी नहीं होगी तो वहीं जेडीयू

नीतीश महागठबंधन में रहेंगे या NDA के साथ जाएंगे? प्रशांत किशोर ने बताई असली रणनीति
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: बीजेपी से नीतीश की दोस्ती वाले बयान के बाद बिहार सियासत तेज हो गई है। एक तरफ जहां बीजेपी ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि नीतीश की वापसी एनडीए में कभी नहीं होगी तो वहीं जेडीयू ने भी सफाई दी है कि नीतीश कुमार बीजेपी के साथ जाना तो दूर उसकी तरफ देखेंगे भी नहीं। इसी बीच चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रणनीति का खुलासा किया है।


दरअसल, राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुले मंच से कह दिया कि बीजेपी से उनकी पुरानी दोस्ती रही है और यह दोस्ती कभी खत्म नहीं होगी। नीतीश के इस बयान को लेकर सियासत शुरू हो गई। एक तरफ जहां जेडीयू ने सफाई दी कि यह सब मीडिया का किया कराया है नीतीश कुमार के बयान को गलत तरीके से पेश दिया गया है वहीं बीजेपी ने कहा है कि नीतीश अपने सहयोगियों को डराने के लिए इस तरह की बात करते रहते हैं।


नीतीश कुमार क इस रणनीति का पीके ने खुलासा किया है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि नीतीश कुमार किस पार्टी के साथ जाएंगे यह वे खुद भी नहीं बता सकते हैं। नीतीश कुमार जिस तरह की राजनीति करते हैं उसमें एक दरवाजा हमेशा खुला रखते हैं जो बिहार की जनता को भी दिखता है। नीतीश कुमार अभी महागठबंधन के साथ बिहार में सरकार चला रहे हैं। सरकार के बने एक साल से अधिक हो गए लेकिन उन्होंने कभी नहीं कहा कि लालू यादव, तेजस्वी यादव या फिर उनके परिवार के लोग भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं हैं।


नीतीश कुमार किसी दिन अटल बिहारी बाजपेयी के समाधि स्थल पर, कभी दीनदयाल उपाध्यक्ष के वार्षिकोत्सव में शामिल हो जाते हैं, तो कभी प्रधानमंत्री के बुलाने पर डिनर पार्टी में पहुंच जाते हैं, यह नीतीश कुमार के राजनीति करने का तरीका है। उन्होंने कहा कि बेशक नीतीश बीजेपी से अलग हो गए हैं लेकिन हरिवंश नारायण सिंह के रूप में एक रोशनदान छोड़े हुए हैं। राज्यसभा में सबको हटाया गया, लेकिन उपसभापति हरिवंश को न बीजेपी वालों ने हटाया ना ही नीतीश कुमार ने ही हटाया गया। कल अगर नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ वापस जाना होगा तो हरिवंश माध्यम का काम करेंगे।