ब्रेकिंग
पूर्व सीएम ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, गाड़ी पर फेंके गए कीचड़-जूते; गरमाई बंगाल की सियासतमामी के इश्क में भांजे ने कर दिया कांड! मामा की हत्या कर शव को लगाया ठिकाने, खुलासे से मचा हड़कंपहरिद्वार में 500 हॉर्न वाली मॉडिफाइड बाइक सीज, कांवड़ यात्रा में पुलिस की सख्त कार्रवाईBPSC TRE-3 में आरक्षण का बड़ा खेल? यूपी-ओडिशा के अभ्यर्थियों को बिहार में आरक्षित कोटे से मिली नौकरी, अब खुला पूरा मामलाBihar Education : सरस्वती की जगह लक्ष्मी की उपासना? DPO अजीत अमर तो बानगी हैं, इसी विभाग के एक और अफसर के बारे में जानें- रिश्तेदार के नाम पर 'पेट्रोल पंप' से लेकर अन्य में करोड़ों के निवेशपूर्व सीएम ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, गाड़ी पर फेंके गए कीचड़-जूते; गरमाई बंगाल की सियासतमामी के इश्क में भांजे ने कर दिया कांड! मामा की हत्या कर शव को लगाया ठिकाने, खुलासे से मचा हड़कंपहरिद्वार में 500 हॉर्न वाली मॉडिफाइड बाइक सीज, कांवड़ यात्रा में पुलिस की सख्त कार्रवाईBPSC TRE-3 में आरक्षण का बड़ा खेल? यूपी-ओडिशा के अभ्यर्थियों को बिहार में आरक्षित कोटे से मिली नौकरी, अब खुला पूरा मामलाBihar Education : सरस्वती की जगह लक्ष्मी की उपासना? DPO अजीत अमर तो बानगी हैं, इसी विभाग के एक और अफसर के बारे में जानें- रिश्तेदार के नाम पर 'पेट्रोल पंप' से लेकर अन्य में करोड़ों के निवेश

BJP President: आडवाणी और शाह के ग्रुप में इस तरह नितिन की हो सकती है एंट्री, अध्यक्ष बनते ही साथ में जुड़ जाएगा यह रिकॉर्ड

BJP President: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को बनाया गया है। साथ ही अध्यक्ष पद के लिए अगले साल की शुरुआत में होने वाले भाजपा अध्यक्ष चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है।

BJP President
बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

BJP President: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को बनाया गया है। साथ ही अध्यक्ष पद के लिए अगले साल की शुरुआत में होने वाले भाजपा अध्यक्ष चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, जेपी नड्डा के बाद नितिन नवीन की ताजपोशी के प्रबल संकेत मिल रहे हैं। यदि 2026 की शुरुआत में नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो वे उम्र के लिहाज से अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और अमित शाह जैसी दिग्गजों की खास लीग में शामिल हो जाएंगे।


दरअसल, नितिन नवीन 2026 की शुरुआत में 45 वर्ष के होंगे। इससे पहले वाजपेयी जब पहली बार जनसंघ के अध्यक्ष बने थे, तब उनकी उम्र 44 वर्ष थी, जबकि आडवाणी 46 वर्ष और अमित शाह 49 वर्ष के थे। ऐसे में नितिन नवीन का नाम उन चुनिंदा नेताओं में दर्ज हो सकता है, जिन्होंने 50 वर्ष से कम उम्र में पार्टी की कमान संभाली।


जनसंघ से भाजपा तक: युवा अध्यक्षों की विरासत

जनसंघ और भाजपा को मिलाकर अब तक 21 नेता पार्टी अध्यक्ष रह चुके हैं। जनसंघ की स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी, जो 1977 में जनता पार्टी में विलय के बाद 1980 में भाजपा के रूप में पुनर्गठित हुई। मुखर्जी से लेकर नड्डा तक के सफर में केवल 5 नेता ऐसे रहे हैं, जो पहली बार अध्यक्ष बनते समय 50 वर्ष से कम उम्र के थे। इनमें वाजपेयी, आडवाणी, बलराज मधोक, बच्छराज व्यास और अमित शाह शामिल हैं।


इसके अलावा, पार्टी ने कई बार वरिष्ठ नेताओं को भी अध्यक्ष बनाया। उदाहरण के तौर पर कुशाभाऊ ठाकरे 76 वर्ष की उम्र में अध्यक्ष बने—वे अब तक के सबसे उम्रदराज पार्टी प्रमुख रहे। वहीं बंगारू लक्ष्मण 61 वर्ष की उम्र में अध्यक्ष बने, लेकिन स्टिंग ऑपरेशन के बाद उनका राजनीतिक करियर विवादों में घिर गया।


नितिन नवीन का संगठनात्मक कद और राजनीतिक सफर

नितिन नवीन का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे संगठन और सरकार दोनों में संतुलन साधने वाले नेता माने जाते हैं। बिहार की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय नितिन नवीन युवा नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और चुनावी रणनीति के लिए जाने जाते हैं। पार्टी के भीतर उन्हें ग्राउंड कनेक्ट और मैनेजमेंट स्किल्स का मजबूत संयोजन माना जाता है, जो आने वाले चुनावी चक्र में भाजपा के लिए अहम हो सकता है।


पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन की नियुक्ति से भाजपा युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और संगठन में नई ऊर्जा भरने का संदेश देना चाहती है। यह कदम 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले लंबी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।


क्या बनेगा नया अध्याय?

अगर नितिन नवीन को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाता है, तो यह न सिर्फ उम्र के लिहाज से बल्कि राजनीतिक प्रतीकवाद के स्तर पर भी बड़ा फैसला होगा। यह निर्णय भाजपा के उस ट्रेंड को आगे बढ़ाएगा, जिसमें पार्टी समय-समय पर युवा और संगठनात्मक रूप से सक्षम नेताओं को शीर्ष जिम्मेदारी सौंपती रही है। कुल मिलाकर, नितिन नवीन की संभावित ताजपोशी भाजपा के इतिहास में एक नई पीढ़ी के नेतृत्व का संकेत मानी जा रही है—जो वाजपेयी, आडवाणी और अमित शाह की परंपरा को आगे बढ़ा सकती है।