Bihar Politcis: नीतीश सरकार में 9 पद खाली, किस पार्टी को मिलेगा कितना हिस्सा?

Bihar Politcis: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद गुरुवार को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो के 26 मंत्रियों को पद...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 21 Nov 2025 07:32:00 AM IST

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बिहार की राजनीतिक में हलचल - फ़ोटो GOOGLE

Bihar Politcis: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद गुरुवार को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो के 26 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। कुल मिलाकर 27 सदस्यों मुख्यमंत्री सहित ने शपथ ग्रहण किया। बिहार विधानसभा में निर्धारित नियम के अनुसार, मंत्रिमंडल में विधानसभा के कुल सदस्यों का 15 प्रतिशत ही मंत्री बनाए जा सकते हैं। 243 सदस्यीय सदन के आधार पर नीतीश कैबिनेट में अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अभी 27 मंत्रियों ने ही शपथ ली है, ऐसे में मंत्री परिषद में 9 पद अभी भी रिक्त हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में विस्तार के दौरान भरा जाएगा।


इस बार के चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर प्रभावशाली बहुमत हासिल किया। सामान्यतया प्रत्येक छह विधायकों पर एक मंत्री का कोटा तय किया जाता है। इस आधार पर सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP), जिसके पास 89 विधायक हैं, उसको कुल 16 मंत्रियों का अधिकार मिलता है। जदयू को 15 मंत्रियों का कोटा मिलना चाहिए, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 2 मंत्रियों की हिस्सेदारी मिल चुका है। इसके अतिरिक्त जीतन राम मांझी की हम पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को एक-एक मंत्री पद का हिस्सा मिलना तय है।


फिलहाल, देखे तो मौजूदा नीतीश कैबिनेट में भाजपा के कुल 14 मंत्री शामिल हो चुके हैं। नियम के आधार पर भाजपा के 2 मंत्री पद अभी भी खाली हैं, जिन्हें आगामी विस्तार में शामिल किया जा सकता है। दूसरी ओर जदयू, जिसके पास 15 मंत्रियों का कोटा है, फिलहाल उसके केवल 9 मंत्री ही शपथ ले चुके हैं। इसका मतलब है कि जदयू के 6 मंत्री पद अभी रिक्त हैं, जिन पर भविष्य में नियुक्ति होना तय है। वहीं, लोजपा (रामविलास) के भी कोटा पूरा हो चुका है। जीतन राम मांझी की हम पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो का कोटा पूरा हो चुका है, क्योंकि दोनों दलों को निर्धारित एक-एक पद ही मिले थे।


कैबिनेट विस्तार के दौरान यह देखने पर हर किसी की नजर रहेगी कि जदयू अपने बचे कोटे के छह मंत्री पदों में किन नेताओं को शामिल करती है। जदयू के भीतर कई नए और पुराने चेहरों की दावेदारी बढ़ चुकी है, वहीं भाजपा भी अपने दो पदों पर संगठनात्मक समीकरणों और जातीय संतुलन को ध्यान में रखकर निर्णय करेगी। लोजपा (रामविलास) के तीसरे मंत्री का चयन भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चिराग पासवान की पार्टी ने पिछले कुछ वर्षों में एनडीए के भीतर खुद को एक मजबूत युवा चेहरा के रूप में स्थापित किया है।


नीतीश कैबिनेट में अभी किस पार्टी से कितने और कौन-कौन मंत्री हैं-

भाजपा से दो डिप्टी सीएम समेत 14 मंत्री-

सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम)

विजय सिन्हा (डिप्टी सीएम)

मंगल पांडेय

दिलीप जायसवाल

नितिन नबीन

रामकृपाल यादव

संजय सिंह टाइगर

अरुण शंकर प्रसाद

सुरेंद्र मेहता

नारायण प्रसाद

रमा निषाद

लखेंद्र कुमार रौशन

श्रेयसी सिंह

प्रमोद कुमार


जदयू से सीएम समेत 9 मंत्री-

नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री)

विजय कुमार चौधरी

बिजेंद्र प्रसाद यादव

श्रवण कुमार

अशोक चौधरी

लेशी सिंह

मदन सहनी

सुनील कुमार

मोहम्मद जमा खान

अन्य दलों से 4 मंत्री-

संजय पासवान (लोजपा-आर)

संजय कुमार सिंह (लोजपा-आर)

संतोष सुमन (हम)

दीपक प्रकाश (रालोमो)


माना जा रहा है कि यह कैबिनेट विस्तार एनडीए की अंदरूनी समीकरणों, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, जातिगत संतुलन और भावी राजनीति की दिशा तय करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी परंपरागत शैली के अनुसार सभी दलों की संतुलित भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे, ताकि बड़े बहुमत मिलने के बाद भी सहयोगियों के बीच सामंजस्य बना रहे। इस बीच, सरकार के गठन के तुरंत बाद मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं खासकर गृह, वित्त, सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों को लेकर।


फिलहाल बिहार की राजनीति में एनडीए की नई सरकार के गठन के साथ एक नया अध्याय शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में कैबिनेट विस्तार और विभागों के आवंटन से यह स्पष्ट होगा कि एनडीए के भीतर शक्ति संतुलन किस रूप में स्थापित होता है और नीतीश कुमार की 10वीं शपथ वाली यह सरकार किस दिशा में काम करेगी।