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Bihar corruption : सरकारी राशन और आवास योजना का लाभ उठा रहे तेजस्वी के नेता! पूर्व विधायक की पत्नी के नाम राशन कार्ड, अब SDO ने दिए जांच के आदेश

Bihar corruption : खगड़िया में पूर्व विधायक राम वृक्ष सदा और परिवार पर सरकारी राशन और आवास योजना का दुरुपयोग करने का आरोप लगा। SDO धनंजय कुमार ने BDO को मामले की जांच का आदेश दिया।

Bihar corruption  : सरकारी राशन और आवास योजना का लाभ उठा रहे तेजस्वी के नेता! पूर्व विधायक की पत्नी के नाम राशन कार्ड, अब SDO ने दिए जांच के आदेश
Tejpratap
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Bihar corruption : बिहार में सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुँचाने के लिए बनाए गए सिस्टम का दुरुपयोग अक्सर सामने आता रहा है। हाल ही में जिले के अलौली सीट से राजद के पूर्व विधायक राम वृक्ष सदा और उनके परिवार के नाम से सरकारी योजनाओं के अनधिकृत लाभ उठाने का मामला प्रकाश में आया है। यह मामला दिखाता है कि कैसे रसूख के सामने सरकारी सिस्टम कई बार लाचार साबित होता है।


जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक राम वृक्ष सदा के नाम से तब भी पीडीएस (PDS) दुकानों से गेहूं और चावल का उठाव हुआ, जब वह विधायक थे। उनके पत्नी सुशीला देवी के नाम के राशन कार्ड से भी अब तक राशन का उठाव जारी है। इसके अलावा उनके बेटे को आवास योजना का लाभ भी मिला है। आवास योजना के तहत उनके बेटे के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में तीन किश्तों में कुल 1 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए।


इस मामले का खुलासा होने के बाद सदर SDO खगड़िया धनंजय कुमार ने BDO को जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आपूर्ति विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज खाद्यान्न रिकॉर्ड के अनुसार, पूर्व विधायक राम वृक्ष सदा के नाम से फरवरी 2023 तक राशन का उठाव हुआ था। इस दौरान वह अलौली से विधायक थे।


राशन कार्ड में उनके पत्नी सुशीला देवी का भी नाम शामिल था। हालांकि मार्च 2023 के बाद राम वृक्ष सदा का नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया। बावजूद इसके, उनकी पत्नी के नाम के राशन कार्ड से अब भी राशन का उठाव हो रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता और निगरानी के बावजूद रसूख के सामने व्यवस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है।


पूर्व विधायक राम वृक्ष सदा ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके परिवार के किसी सदस्य को इस तरह का कोई लाभ नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधी उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से ऐसी बातें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी को राशन नहीं मिल रहा है और न ही मेरे बेटे को आवास योजना का लाभ मिला है। यह सिर्फ मेरे खिलाफ झूठे आरोप फैलाने का प्रयास है।”


SDO धनंजय कुमार ने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी जांच BDO स्तर पर की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी या अनुचित लाभ मिलने की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल गरीब और पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाना है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


इस पूरे प्रकरण में यह देखने वाली बात है कि पूर्व विधायक और उनके परिवार का नाम योजनाओं के लाभ से जुड़ा है या नहीं, इसकी जांच अब BDO के माध्यम से की जाएगी। यदि जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और पात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


इस प्रकार खगड़िया का यह मामला दर्शाता है कि किस प्रकार रसूख के आगे सरकारी सिस्टम कई बार कमजोर साबित होता है और कैसे गरीबों के लिए बनाए गए योजनाओं का लाभ अपात्रों द्वारा उठाया जा सकता है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और जल्द ही सत्य सामने आने की उम्मीद है।