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कमलेश बिंद एनकाउंटर मामला: एसएसपी से मिलने जा रहे मुकेश सहनी को पुलिस ने रोका

वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी गाजीपुर में कथित कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सहनी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

उत्तर प्रदेश न्यूज
निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

लखनऊ:  विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी  आज उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में कथित कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मिलने और निष्पक्ष जांच की मांग करने पहुंचे थे। हालांकि पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी और गाजीपुर के अतिथिगृह में रोक दिया। बाद में उन्हें वाराणसी भेज दिया गया।


‎इस दौरान मुकेश सहनी ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पुलिस की "दादागिरी" का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही उनकी एसपी से बातचीत हुई थी और मिलने का समय भी तय था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मिलने नहीं दिया गया। सहनी ने आरोप लगाया कि कमलेश बिंद को पहले गिरफ्तार किया गया और बाद में उसका एनकाउंटर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी है तो उसे गिरफ्तार कर कानून के तहत अदालत से सजा दिलाई जानी चाहिए, न कि पुलिस खुद न्याय करने लगे।

‎वीआईपी प्रमुख ने कहा कि पुलिस प्रशासन अपनी उपलब्धियां दिखाने और कानून-व्यवस्था का प्रदर्शन करने के लिए गरीब और पिछड़े समाज के लोगों के साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह किसी अपराधी को बचाने के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन सजा देने का अधिकार पुलिस को नहीं है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि उन्हें परिवार और एसएसपी से मिलने से रोकना पूरी तरह गलत है।

‎मुकेश सहनी ने इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि गरीब, पिछड़े और वंचित समाज के लोगों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि यदि ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं तो जनता आने वाले समय में सरकार को जवाब देगी।

‎इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद पर भी तीखा हमला बोला। सहनी ने कहा कि जिस समाज ने उन्हें नेता बनाया और सत्ता तक पहुंचाया, उसी समाज के लोगों की हत्या हो रही है, लेकिन वे सत्ता के सुख में व्यस्त हैं। उन्होंने संजय निषाद से समाज के अधिकारों के लिए खुलकर संघर्ष करने या फिर पद छोड़ने की अपील की।

‎वीआईपी प्रमुख ने अपने कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों से एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज अपनी आवाज नहीं उठाएगा तो उसे कमजोर समझकर लगातार निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने जिला इकाइयों को आंदोलन की रणनीति तैयार करने का निर्देश देने की बात भी कही और कहा कि कमलेश बिंद प्रकरण को लेकर पूरे प्रदेश में आवाज बुलंद की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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