Bihar Politics: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही सर्वोपरि होती है और यदि किसी मंत्री के विभाग में लगातार विफलताएं सामने आ रही हैं तो उसे पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
मुकेश सहनी ने कहा कि पहले सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और लोक-लाज की परंपरा थी, लेकिन पिछले कई वर्षों में यह पूरी तरह समाप्त होती दिख रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग में कोई कर्मचारी गलती करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है, लेकिन जब मंत्री अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पाते तो सरकार उन्हें बचाने में लग जाती है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि देश का युवा रोजगार, शिक्षा और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सवाल पूछ रहा है, लेकिन उसकी आवाज सुनने के बजाय उस पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।
सहनी ने कहा कि बिहार हमेशा बड़े जनआंदोलनों की भूमि रहा है और जब युवा अपने अधिकारों के लिए खड़ा होता है तो उसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण ढंग से लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि परिवर्तन जनता के मत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से आएगा।
वीआईपी प्रमुख ने केंद्र सरकार पर रोजगार के मोर्चे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन लाखों युवा आज भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय निजीकरण और बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च है और वही तय करेगी कि किसे सत्ता में रहना है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश का युवा और आम जनता आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव का रास्ता चुनेगी और जवाबदेही तय करेगी।




