Mukesh Sahani: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी आज उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंचे, पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा की तथा प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए निषाद समाज के आरक्षण, उत्तर प्रदेश की राजनीति और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
मुकेश सहनी ने कहा कि वीआईपी पूरे उत्तर प्रदेश, विशेषकर पूर्वांचल में लगातार संगठन विस्तार का अभियान चला रही है। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी जल्द ही 101 दिवसीय "निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा" निकालेगी। इस यात्रा के दौरान निषाद, मल्लाह, कश्यप, बिंद सहित समाज की 22 उपजातियों के लोग हाथ में गंगाजल लेकर यह संकल्प लेंगे कि "2027 से पहले आरक्षण दो, नहीं तो भाजपा को वोट नहीं देंगे।"
उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक यात्रा नहीं बल्कि समाज के हक और अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले जब वह सहारनपुर आने वाले थे तो उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें लखनऊ में चार दिनों तक हाउस अरेस्ट कर दिया था। इस बार प्रशासन से अनुमति लेकर वे समाज के बीच पहुंचे हैं और पूरे प्रदेश में लगातार कार्यक्रम कर रहे हैं।
डॉ. संजय निषाद पर निशाना साधते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि जो कभी निषाद समाज के अधिकारों के लिए आंदोलन करते थे, आज सत्ता का सुख भोग रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. संजय निषाद को छह महीने का समय दिया गया था कि वे निषाद समाज को आरक्षण दिलाएं। तीन महीने बीत चुके हैं। यदि वे आरक्षण नहीं दिला सकते तो भाजपा छोड़कर समाज के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि यदि संजय निषाद भाजपा छोड़ते हैं तो वे उन्हें इंडिया गठबंधन में लाने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेतृत्व से भी बात करने को तैयार हैं।
मुकेश सहनी ने कहा कि वीआईपी का संघर्ष किसी पद या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि समाज की लड़ाई नहीं होती तो वह आज भी सत्ता में होते, लेकिन उन्होंने समाज के अधिकारों को सत्ता से ऊपर रखा है। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक निषाद समाज को उसका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता।
उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकार धर्म और भावनाओं की राजनीति कर रही है, जबकि युवाओं, किसानों और पिछड़े समाज के मूल मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता बदलाव चाहती है और सामाजिक न्याय की राजनीति को आगे बढ़ाने का समय आ गया है।
वीआईपी के संस्थापक मुकेश सहनी ने कहा कि वीआईपी सामाजिक न्याय और जाति आधारित जनगणना की मांग का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और आगामी लोकसभा चुनाव में सामाजिक न्याय की विचारधारा को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी। उन्होंने कहा कि आगामी 2 नवंबर के बाद उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी रणनीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल संगठन विस्तार और आरक्षण आंदोलन ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।





