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‘आरक्षण नहीं तो वोट नहीं’, गोंडा से मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान, निषाद समाज को गंगाजल से दिलाया संकल्प

Mukesh Sahani: वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के गोंडा में निषाद समाज से 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण की मांग पर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने गंगाजल हाथ में दिलाकर संकल्प कराया कि यदि आरक्षण नहीं मिला तो भाजपा को वोट नहीं देंगे।

Mukesh Sahani
© Reporter
Mukesh Srivastava
4 मिनट

पटना/लखनऊ: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित एक प्रेस वार्ता एवं सामाजिक सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी और केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। 


उन्होंने निषाद समाज से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण की मांग को लेकर एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार आरक्षण लागू नहीं करती है तो समाज को उसे वोट नहीं देना चाहिए।


मुकेश सहनी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि समाज के अधिकारों के लिए है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि गांव-गांव और टोले-टोले तक यह संदेश पहुंचाया जाए कि जब तक आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा।


उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय गरीबों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर वोट लेने की कोशिश की जाती है। सहनी ने कहा कि यदि कोई पैसा देता है तो वह जनता का ही पैसा है, लेकिन वोट अपने विवेक से देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में भी गरीब महिलाओं को पैसे और बड़े-बड़े वादों के जरिए प्रभावित करने का प्रयास किया गया था और उत्तर प्रदेश में भी ऐसी तैयारी चल रही है।


वीआईपी प्रमुख ने कहा कि निषाद समाज को पांच किलो राशन देकर आत्मनिर्भर नहीं बनाया जा सकता। समाज को बेहतर शिक्षा, आधुनिक अस्पताल, रोजगार और उद्योगों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को गरीबों को मुफ्त अनाज पर निर्भर बनाने के बजाय ऐसे अवसर देने चाहिए जिससे लोग अपने श्रम के बल पर सम्मानजनक जीवन जी सकें।


मुकेश सहनी ने कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं और आरक्षण भी उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को दिए गए आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि आर्थिक आधार पर अन्य वर्गों को आरक्षण मिल सकता है तो आर्थिक रूप से अत्यंत पिछड़े निषाद समाज को भी समान अवसर मिलना चाहिए।


उन्होंने निषाद समाज से सामाजिक और राजनीतिक रूप से संगठित होने की अपील करते हुए कहा कि वोट सबसे बड़ी ताकत है और समाज को अपनी इसी ताकत का इस्तेमाल अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक समाज सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित नहीं करेगा, तब तक उसकी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है।


कार्यक्रम के दौरान मुकेश सहनी ने उपस्थित लोगों से गंगाजल हाथ में लेकर सामूहिक संकल्प भी दिलाया। उन्होंने लोगों से अपने पूर्वजों और धार्मिक आस्था को साक्षी मानते हुए यह संकल्प दोहराने को कहा कि यदि वर्ष 2027 से पहले आरक्षण लागू नहीं किया गया तो भाजपा को वोट नहीं देंगे तथा आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।


सहनी ने कहा कि यह अभियान केवल गोंडा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से टीम बनाकर घर-घर जाने, लोगों को जागरूक करने और संकल्प अभियान का वीडियो प्रदेश कार्यालय भेजने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि निषाद समाज के बीच जागरूकता का यह आंदोलन आने वाले दिनों में और मजबूत होगा तथा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार पर लोकतांत्रिक दबाव बनाया जाएगा।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता