ब्रेकिंग
WhatsApp मैसेज पर 1 अक्टूबर से लगेगा 14 पैसे का चार्ज? जानें आम यूजर्स पर पड़ेगा या नहीं असर✦मुजफ्फरपुर में बड़ा हादसा: नहर में डूबने से मां-बेटी समेत 3 महिलाओं की मौत, एक अस्पताल में भर्ती✦विनय बिहारी के समर्थन में उतरे कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन, फोन पर सम्राट चौधरी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त✦गयाजी में युवक-युवती से बदसलूकी और मारपीट का VIDEO वायरल, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा✦बेगूसराय होटल कांड के मुख्य आरोपी रोहित की गिरफ्तारी की खबर, नेपाल बॉर्डर इलाके से पुलिस ने दबोचा!✦WhatsApp मैसेज पर 1 अक्टूबर से लगेगा 14 पैसे का चार्ज? जानें आम यूजर्स पर पड़ेगा या नहीं असर✦मुजफ्फरपुर में बड़ा हादसा: नहर में डूबने से मां-बेटी समेत 3 महिलाओं की मौत, एक अस्पताल में भर्ती✦विनय बिहारी के समर्थन में उतरे कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन, फोन पर सम्राट चौधरी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त✦गयाजी में युवक-युवती से बदसलूकी और मारपीट का VIDEO वायरल, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा✦बेगूसराय होटल कांड के मुख्य आरोपी रोहित की गिरफ्तारी की खबर, नेपाल बॉर्डर इलाके से पुलिस ने दबोचा!

मोदी सरनेम केस: राहुल गांधी ने गुजरात HC के फैसले को दी चुनौती, SC से सजा पर रोक लगाने की मांग

DESK: मोदी सरनेम केस में गुजरात हाईकोर्ट से रिव्यू पिटीशन को खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में गुज

मोदी सरनेम केस: राहुल गांधी ने गुजरात HC के फैसले को दी चुनौती, SC से सजा पर रोक लगाने की मांग
Mukesh Srivastava
4 मिनट

DESK: मोदी सरनेम केस में गुजरात हाईकोर्ट से रिव्यू पिटीशन को खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दो साल की सजा पर रोक लगाने की मांग की है। राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की संभावना है। बता दें कि आपराधिक मानहानि के मामले में दो साल की सजा होने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता जा चुकी है।


दरअसल,  23 मार्च को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत की कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी। राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम के दौरान मोदी सरनेम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। जिसको लेकर राहुल गांधी के खिलाफ सूरत की कोर्ट में केस दर्ज कराया गया था। कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी, हालांकि सजा के एलान के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।


साल 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी सरनेम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि आखिर ये कैसे हो रहा है कि सभी चोरों के उपनाम मोदी हैं। राहुल के उस बयान पर आपत्ति जताते हुए गुजरात बीजेपी के पूर्व विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी।


दो साल की सजा होने के बाद 24 मार्च को लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की संसद सदस्यता को खत्म कर दिया था। लोकसभा से अयोग्य घोषित होने बाद राहुल गांधी ने नीचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए 3 अप्रैल को सूरत की सेशंस कोर्ट में रेग्यूलर बेल के साथ दो साल की सजा पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी ताकि अगर कोर्ट अगर उन्हें दोष मुक्त कर देता है तो उनकी संसद सदस्यता फिर से बहाल हो सके। हालांकि 20 अप्रैल को राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनकी खारिज कर दिया और नीचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है।


सूरत की सेशंस कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने 25 अप्रैल को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बीते 7 जुलाई को गुजरात हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की दो साल की सजा को बरकरार रखते हुए उनकी रिव्यू पिटीशन को ख़ारिज कर दिया था। गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और सजा पर रोक लगाने के लिए अर्जी लगाई है। राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही सुनवाई की संभावना जताई जा रही है।