ब्रेकिंग
सहरसा में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानों को मिले नए थानाध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट✦1992 बैच के IAS दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी, राज्यपाल सचिवालय से हुआ तबादला✦बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, तबादले की प्रक्रिया फिर होगी शुरू; शिक्षा विभाग ने जारी की नई अधिसूचना✦बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦सहरसा में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानों को मिले नए थानाध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट✦1992 बैच के IAS दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी, राज्यपाल सचिवालय से हुआ तबादला✦बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, तबादले की प्रक्रिया फिर होगी शुरू; शिक्षा विभाग ने जारी की नई अधिसूचना✦बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP

खगड़िया से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे महबूब अली कैसर! चिराग ने टिकट नहीं दिया तो लिया फैसला

KHAGARIA: खगड़िया के सांसद महबूब अली कैसर ने 14 मार्च 2024 को पशुपति पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को छोड़ दिया था और दिल्ली जाकर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास से

खगड़िया से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे महबूब अली कैसर! चिराग ने टिकट नहीं दिया तो लिया फैसला
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

KHAGARIA: खगड़िया के सांसद महबूब अली कैसर ने 14 मार्च 2024 को पशुपति पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को छोड़ दिया था और दिल्ली जाकर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास से राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से मुलाकात की थी। चिराग से मुलाकात के बाद महबूब अली ने कहा था कि चिराग पासवान की पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने का मौका देती है तो चुनाव लड़ने के लिए वो तैयार हैं। कैसर चुनाव लड़ने के इंतजार में बैठे हुए थे।


उन्हें लगा कि चिराग पासवान खगड़िया से उन्हें अपनी पार्टी का टिकट देंगे लेकिन अचानक पता चला कि खगड़िया लोकसभा सीट का टिकट राजेश वर्मा नामक व्यवसायी को दे दिया गया। टिकट के इंतजार में बैठे महबूब अली कैसर का सपना चकनाचूर हो गया। अब वो ना तो चिराग के रहे और ना ही पशुपति पारस के रहे। टिकट नहीं मिलने के कारण वो इन दिनों नाराज चल रहे हैं। 


उन्होंने अब बागी रुख अख्तियार कर लिया है। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि महबूब अली कैसर खगड़िया से निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि इस बात की घोषणा अभी नहीं की गयी है। लेकिन कैसर इस पर विचार कर रहे हैं। महबूब अली कैसर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों का भारी दबाव है। 


खगड़िया के हर विधानसभा क्षेत्र से फोन आ रहा है। लोग चुनाव के मैदान में उतरने का अनुरोध कर रहे हैं। लोगों के फोन और दबाव के कारण अब चुनाव लड़ने पर गंभीरता से विचार करना होगा। लोगों की इच्छा का ख्याल रखना ही पड़ेगा। अभी वो ना तो ग्रीन जोन में और ना ही रेड जोन में हैं बल्कि येलो जोन में हैं,  चुनाव लड़ने का फैसला कभी भी ले सकते हैं। 

टैग्स