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‘नीति सही लेकिन लागू करने में खामियां, गरीब सबसे परेशान’, शराबबंदी पर फिर बोले जीतन राम मांझी

Bihar Politics: जीतन राम मांझी ने बिहार की शराबबंदी नीति को सही बताते हुए इसके लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए. मांझी ने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीबों पर पड़ रहा है और अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है.

Bihar Politics
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Mukesh Srivastava
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Bihar Politics: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘हम’ पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने एक बार फिर राज्य में लागू शराबबंदी कानून पर अपनी बेबाक राय रखी है। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि शराबबंदी की नीति अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इसे जमीन पर लागू करने के तरीके में गंभीर खामियां हैं।


मांझी के अनुसार, इस कानून का सबसे ज्यादा नुकसान गरीब तबके को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर गरीब लोग कानून की आड़ में पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी उलझनों में फंस रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति कमजोर हो रही है। 


वहीं दूसरी ओर, शराबबंदी के बावजूद राज्य में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अवैध शराब बनाने वाले माफिया जल्दबाजी में यूरिया और अन्य खतरनाक केमिकल मिलाकर जहरीली शराब तैयार कर रहे हैं, जिससे गरीब लोग कम उम्र में ही अपनी जान गंवा रहे हैं।


प्रदेश में हालिया सत्ता परिवर्तन और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर मांझी ने कहा कि उन्हें बड़े फैसले लेने में थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार शराबबंदी कानून की समीक्षा करेगी। मांझी ने जोर देकर कहा कि इस नीति में मौजूद खामियों को दूर करना जरूरी है, ताकि राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी हो और गरीबों को बेवजह की परेशानियों से राहत मिल सके।


वहीं, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों पर मांझी ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी की राजनीति “उल-जुलूल” बयानों पर आधारित है। साथ ही उन्होंने ईडी और आयकर विभाग की छापेमारी को सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि जहां गड़बड़ी होगी, वहां एजेंसियां कार्रवाई करेंगी, इसे राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है।

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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