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‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयान

Bihar Politics: पूर्व सांसद और जेडीयू नेता आनंद मोहन ने सहरसा में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि जेडीयू को अब कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की कोई जरूरत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार संगठन को संभालने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं.

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: सहरसा में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद और जेडीयू नेता आनंद मोहन ने पार्टी में नई सियासी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने कहा कि जेडीयू में अब किसी कार्यकारी अध्यक्ष की आवश्यकता नहीं है। आनंद मोहन ने कहा कि नीतीश कुमार ही पार्टी के सर्वेसर्वा हैं और मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद वह पूरा समय संगठन को दे सकते हैं।


आनंद मोहन ने बताया कि जब तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास राज्य का जिम्मेदारीपूर्ण पद था, तब तक कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत समझी जा सकती थी। लेकिन अब नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनकर दिल्ली जा रहे हैं, और इस पद पर रहते हुए वह संगठन को पूरा समय दे सकते हैं। ऐसे में कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका अब अप्रासंगिक हो गई है।


उन्होंने कहा कि जेडीयू समर्थकों और पिछड़ा–अतिपिछड़ा समाज के लोगों तक यह संदेश पहुंचाना जरूरी है कि नीतीश कुमार ही पार्टी के सर्वेसर्वा हैं और कोई और निर्णय नहीं लेता। पार्टी को बचाने के लिए यह संदेश सभी तक स्पष्ट होना चाहिए। आनंद मोहन के इस बयान से जेडीयू के भीतर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल उठने लगे हैं।


बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी, इसपर तरह तरह के कयास जारी हैं। इस बीच पूर्व सांसद आनंद मोहन पूरी तरह से एक्टिव हो गए हैं और निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर दी है। निशांत को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा पर उन्होंने कहा है कि उपमुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री होता है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता