ब्रेकिंग
समस्तीपुर में नाबालिग बच्चियों से बदसलूकी मामला: ADG कमल किशोर ने की कार्रवाई की समीक्षा, पुलिस अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश✦रिटायरमेंट से करीब तीन महीने पहले DGP पद से हटाए गए विनय कुमार, बने बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त✦Patna Cricket News: PDCA की COM बैठक में बड़े फैसले, घरेलू क्रिकेट लीग का भी बजा बिगुल,10-11 अक्टूबर से लीग फॉर्म...✦बिहार के अगले मुख्य सूचना आयुक्त होंगे DGP विनय कुमार, चयन समिति की बैठक में बनी सहमति✦बिहार में बड़ा सियासी खेल: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR कराने थाना पहुंची मीसा भारती, पुलिस ने केस लिया या नहीं?✦समस्तीपुर में नाबालिग बच्चियों से बदसलूकी मामला: ADG कमल किशोर ने की कार्रवाई की समीक्षा, पुलिस अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश✦रिटायरमेंट से करीब तीन महीने पहले DGP पद से हटाए गए विनय कुमार, बने बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त✦Patna Cricket News: PDCA की COM बैठक में बड़े फैसले, घरेलू क्रिकेट लीग का भी बजा बिगुल,10-11 अक्टूबर से लीग फॉर्म...✦बिहार के अगले मुख्य सूचना आयुक्त होंगे DGP विनय कुमार, चयन समिति की बैठक में बनी सहमति✦बिहार में बड़ा सियासी खेल: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR कराने थाना पहुंची मीसा भारती, पुलिस ने केस लिया या नहीं?

‘बिहार के 23 लाख छात्रों के भविष्य से एक बार फिर खिलवाड़’, NEET UG परीक्षा रद्द होने पर भड़के तेजस्वी यादव

Bihar Politics: NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 23 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Bihar Politics
तेजस्वी यादव का बड़ा हमला
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: देशभर में 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने यह बड़ा फैसला लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। परीक्षा को रद्द किए जाने को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे बिहार के 23 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताया है।


तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, “पेपर लीक के कारण 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। 23 लाख छात्रों के भविष्य से एक बार फिर खिलवाड़ किया गया। बिहार और देश में पेपर लीक का अंतहीन सिलसिला खत्म ही नहीं हो रहा है। क्या भाजपा की सरकारों में इतनी भी प्रशासनिक क्षमता, योग्यता, इच्छाशक्ति व कौशल नहीं है कि एक सामान्य परीक्षा को बिना पेपर लीक हुए सुनियोजित ढंग से आयोजित कर सके या फिर ये भी कोई “संयोग और प्रयोग वाला दांव” है जिससे देश की रुलाई में भी सत्ता की मलाई मिलती रहे।


सत्ता संरक्षण में लगातार होते “पेपर लीक” से सरकार की नीति और नीयत पर ही सवाल उठ रहा है। दिखावटी जाँच की औपचारिकता की बजाय सरकार को “आत्मनिरीक्षण” करने की जरूरत है। ख़ुद से ये सवाल करने की ज़रूरत है कि “क्या हम देश के साथ सही कर रहे हैं?


अब जब 23 लाख छात्र पुनर्परीक्षा देंगे, दुबारा देशभर के विभिन्न 552 शहरों के सैंकड़ों परीक्षा केंद्रों पर जाएंगे तब कितने लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल-तेल की बर्बादी होगी। छात्रों, उनके परिजनों और अभिभावकों को आर्थिक नुकसान एवं शारीरिक और मानसिक कष्ट होगा? क्या प्रधानमंत्री जी ने इसका मूल्यांकन और विश्लेषण किया है?


प्रधानमंत्री जी, खाली जुबानी खर्च करने से देश नहीं चलता, शासन-प्रशासन में पारदर्शिता के साथ जवाबदेही तय होती है लेकिन इनका उद्देश्य तो आम लोगों को पीड़ा देने के अलावा सभी संस्थानों का प्रयोग विपक्षी दलों के लिए करना होता है”।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता