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NEET UG परीक्षा रद्द होना केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की विफलता: मुकेश सहनी

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार और NTA पर निशाना साधते हुए इसे परीक्षा प्रणाली की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

Bihar News
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को रद्द किए जाने को लेकर विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि यह परीक्षा रद्द होना केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 

‎उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत, मानसिक दबाव और भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ अब एक सामान्य बात बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला यह साबित करता है कि सरकार देश की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में पूरी तरह विफल रही है। 

‎बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी नीट 2024 में पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद ने छात्रों को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया था। इसके अलावा भी कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं। बार-बार एक जैसी घटनाएं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार ने अब तक कोई ठोस और जवाबदेह व्यवस्था तैयार नहीं की है। 

‎उन्होंने कहा कि आज बिहार और देश का युवा यह पूछ रहा है कि आखिर उसकी मेहनत की जिम्मेदारी कौन लेगा? करोड़ों रुपये खर्च करने वाले छात्र और उनके परिवार लगातार असुरक्षा और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। सरकार केवल जांच और कार्रवाई की बातें करती है, लेकिन हर साल परीक्षा माफिया और भ्रष्ट तंत्र छात्रों के सपनों पर हमला करते हैं।

‎हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार लाए जाएं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को राजनीतिक संरक्षण देना बंद किया जाए। देश का युवा अब जवाब चाहता है, केवल आश्वासन नहीं।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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