1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 23, 2025, 12:39:04 PM
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IRCTC Tender Scam Case: सीबीआई द्वारा दर्ज आईआरसीटीसी टेंडर घोटाला से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट कोर्ट ने आज अपना फैसला नहीं सुनाया। ऐसे में लालू फैमिली को कुछ दिनों की राहत मिल गई है। 29 मई को कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था जिसे आज सुनाया जाना था लेकिन कोर्ट ने पांच अगस्त को अगली तारीफ मुकर्रर कर दी। अब कोर्ट 5 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगा। भ्रष्टाचार के मामले में लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य को आरोपी बनाया गया है।
दरअसल, IRCTC होटल घोटाला मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया जाएगा। साल 2005-06 में जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, उस समय रेलवे के रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों को IRCTC को ट्रांसफर किया गया था। इन्हें बेहतर रख-रखाव और संचालन के लिए लीज पर देने की योजना बनाई गई थी।
सीबीआई के अनुसार, इन होटलों को लीज पर देने के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं। यह टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दिया गया था। उस समय IRCTC के मैनेजिंग डायरेक्टर पी. के. गोयल ने यह प्रक्रिया पूरी की। 17 जुलाई 2017 को CBI ने लालू प्रसाद यादव समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इस सिलसिले में देशभर में उनके 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
CBI का आरोप है कि विनय और विजय कोचर को होटलों की लीज दिलाने के बदले लालू यादव ने पटना में तीन एकड़ जमीन प्राप्त की थी। कोचर बंधुओं ने यह जमीन सरला गुप्ता की कंपनी को बेच दी, और बाद में उस कंपनी का मालिकाना हक राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की कंपनी के पास चला गया। इसी जमीन पर बाद में बिहार का सबसे बड़ा मॉल बनाया जा रहा था।
फिलहाल तेजस्वी यादव इस मामले में 2019 से जमानत पर हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें और उनकी मां राबड़ी देवी को जमानत दी थी। यदि ट्रायल के दौरान CBI आरोपों को साबित कर देती है, तो संबंधित धाराओं के तहत दोषियों को अधिकतम 7 वर्ष की सजा हो सकती है। कोर्ट के फैसले का लालू फैमिली के साथ साथ हर किसी को बेसब्री से इंतजार था लेकिन फैसला सुनाने के लिए कोर्ट ने अगली तारीफ तय कर दी। अब पांच अगस्त को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।