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पाकिस्तान से भारत लौटे 1032 हिंदू पहली बार करेंगे वोटिंग, इंटेलिजेंस एजेंसी के जांच के बाद मिली नागरिकता

DESK : गुजरात में आगामी 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को 182 विधनासभा सीटों पर चुनाव होने हैं। जिसको लेकर चुनाव आयोग के तरफ से सभी तरह की तैयारी कर ली गई है। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों द

पाकिस्तान से भारत लौटे 1032 हिंदू पहली बार करेंगे वोटिंग, इंटेलिजेंस एजेंसी के जांच के बाद मिली नागरिकता
Tejpratap
Tejpratap
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DESK : गुजरात में आगामी 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को 182 विधनासभा सीटों पर चुनाव होने हैं। जिसको लेकर चुनाव आयोग के तरफ से सभी तरह की तैयारी कर ली गई है। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों द्वारा भी चुनाव के प्रचार - प्रसार  शुरू कर दिए गए है। वहीं, इस बार के गुजरात चुनाव में जो अबतक की सबसे बड़ी जानकारी निकल कर सामने आ रही है , उसके मुताबिक पाकिस्तान से वापस आये करीब 1032 हिंदू पहली बार भारतीय नागरिक के रूप में अपना मतदान करेंगे। 


टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक अहमदाबाद के डीएम ने पाकिस्तान से वापस आए सभी हिंदू शरणार्थियों को पिछले 5 साल में भारत की नागरिकता दी है।  साल 2016 से ही अहमदाबाद के डीएम ने पाकिस्तान से आये 1032 हिंदुओं को नागरिकता देने का काम जारी रखा है। बताया जाता है कि ये लोग पाकिस्तान में  हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार के कारण वहां से जान बचा कर यहां आ गए थे। जिसके बाद इनको यहां शरण दिया गया था और 2016 और 2018 के गजट के अनुसार, अहमदाबाद, गांधीनगर और भुज के डीएम को नागरिकता देने का अधिकार मिला है। केंद्र और राज्य के इंटेलिजेंस एजेंसी के जांच करने के बाद डीएम हिंदू, सिख, ईसाई और पारसी लोगों को नागरिकता दे सकता है।


जानकारी हो कि, इसी साल अगस्त महीने में गुजरात के राज्य गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने 40 और पाकिस्तान से आए रिफ्यूजी को अहमदाबाद के डीएम के ऑफिस पर ही नागरिकता दी थी. उनमें से एक व्यक्ति ने कहा था  कि वह साल 1995 से ही वीजा लेने की कोशिश कर रहे थे, हालांकि उनको साल 2008 में उन्हें भारत का टूरिस्ट वीजा मिला था, लेकिन उस वीजा के एक्सपायर होने के कारण वह पाकिस्तान वापस चले गए। जिसके बाद साल 2013 में उन्हें लंबी अवधि के लिए वीजा मिल गया तब से वह गुजरात में ही रह रहे थे, अब उन्हें नागरिकता मिल गई।