Bihar Politics: गया जिले के मोहनपुर प्रखंड में बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। विधायक ने आरोप लगाया कि पहले उनके काफिले को रास्ते में रोका गया और फिर उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया।
घटना के दौरान विधायक खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थीं और पूरे समय अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में ही बैठी रहीं। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से विधायक, उनके बॉडीगार्ड और समर्थकों को सुरक्षित वहां से निकाला गया। इस मामले को लेकर मोहनपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, बोधगया एसडीपीओ अमित जायसवाल ने कहा कि मामले में गंभीरता से जांच और कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, रविवार को विधायक ज्योति देवी अपने विधानसभा क्षेत्र के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुमुआर के गंभीरा गांव में आयोजित अदरकी समाज के एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। बिंदा तक पुलिसकर्मी उनके काफिले के साथ थे। जैसे ही उनका काफिला नदी पार कर गंभीरा की ओर बढ़ा, तभी सामने से आ रही एक सवारी गाड़ी ने रास्ता रोक दिया।
विधायक का आरोप है कि सवारी वाहन चालक ने जानबूझकर अपनी गाड़ी सड़क के बीच में खड़ी कर दी, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद विधायक के अंगरक्षक गाड़ी हटाने का अनुरोध करने पहुंचे, लेकिन वाहन में सवार 15 से 20 लोग उनसे उलझ गए और हाथापाई करने लगे।
ज्योति देवी ने बताया कि आरोपियों ने उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग उनकी गाड़ी के शीशे पर भी हाथ मार रहे थे, जिससे वह काफी देर तक खुद को असुरक्षित महसूस करती रहीं। स्थिति बिगड़ती देख विधायक ने आसपास के ग्रामीणों को फोन कर मदद मांगी। ग्रामीणों के पहुंचने के बाद किसी तरह विधायक और उनके सहयोगियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
विधायक ने कहा कि चुनाव के समय से ही उन पर लगातार हमले हो रहे हैं और इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। मोहनपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी में सात लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें पलटु यादव, सुनील यादव, दीपक यादव, सीता यादव, कारू मालाकार, राहुल मालाकार और विक्रम ठाकुर शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।



