पटना/कोल्हापुर: देश की राजनीति और शिक्षा जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। बिहार के पूर्व राज्यपाल एवं प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. डी. वाई. पाटिल का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से अस्वस्थ थे।
डॉ. डी. वाई. पाटिल का जन्म 22 अक्टूबर 1935 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था। उन्होंने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। महाराष्ट्र में उनके द्वारा स्थापित कई इंजीनियरिंग, मेडिकल और उच्च शिक्षण संस्थान आज भी देशभर में प्रसिद्ध हैं।
डॉ. पाटिल को साल 2022 में राष्ट्रपति ने बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया था। इससे पहले वे त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनके बिहार आने के बाद तत्कालीन बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर का तबादला त्रिपुरा कर दिया गया था।
समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 1991 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था। डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन से राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक नेताओं, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।





