ब्रेकिंग
जियो मार्ट, फ्लिपकार्ट और बिग बास्केट के गोदाम में सरकारी छापेमारी में भारी गड़बड़ी पक़ड़ी गई, कबूतर के बीट के बीच रखा था खाने-पीने का सामान, लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी✦चारा घोटाला केस में 25 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, CBI ने लखनऊ रेलवे स्टेशन से दबोचा✦सीवान पटाखा ब्लास्ट मामले में बड़ा एक्शन, जामो बाजार थानाध्यक्ष और चौकीदार सस्पेंड; तीन मौत की पुष्टि✦मजाक नहीं तो और क्या है...? रिश्वत नहीं लेने की फिर से शपथ लेंगे बिहार के अफसर-कर्मी, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश✦बिहार में बड़ा हादसा: पटाखा बनाने के दौरान ब्लास्ट, पति-पत्नी और बेटी समेत चार लोगों की मौत; बढ़ सकता है आंकड़ा✦जियो मार्ट, फ्लिपकार्ट और बिग बास्केट के गोदाम में सरकारी छापेमारी में भारी गड़बड़ी पक़ड़ी गई, कबूतर के बीट के बीच रखा था खाने-पीने का सामान, लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी✦चारा घोटाला केस में 25 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, CBI ने लखनऊ रेलवे स्टेशन से दबोचा✦सीवान पटाखा ब्लास्ट मामले में बड़ा एक्शन, जामो बाजार थानाध्यक्ष और चौकीदार सस्पेंड; तीन मौत की पुष्टि✦मजाक नहीं तो और क्या है...? रिश्वत नहीं लेने की फिर से शपथ लेंगे बिहार के अफसर-कर्मी, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश✦बिहार में बड़ा हादसा: पटाखा बनाने के दौरान ब्लास्ट, पति-पत्नी और बेटी समेत चार लोगों की मौत; बढ़ सकता है आंकड़ा

डॉक्टर राजवर्धन आजाद बनें बिहार विधान परिषद के सदस्य, राजभवन से अधिसूचना जारी

PATNA: देश के जाने माने नेत्र चिकित्सक डॉक्टर राजवर्धन आजाद को राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद का सदस्य बनाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉक्टर आजाद को विधान पार्षद बनान

डॉक्टर राजवर्धन आजाद बनें बिहार विधान परिषद के सदस्य, राजभवन से अधिसूचना जारी
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: देश के जाने माने नेत्र चिकित्सक डॉक्टर राजवर्धन आजाद को राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद का सदस्य बनाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉक्टर आजाद को विधान पार्षद बनाने की अनुशंसा की थी, जिसके बाद राजभवन ने उन्हें एमएलसी बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है। बता दें कि डॉक्टर राजवर्धन आजाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भागवत झा आजाद के बेटे हैं।


दरअसल, बिहार विधान परिषद में राज्यपाल कोटे से 12 सदस्यों का मनोनयन होता है। जिसकी अनुसंशा राज्य सरकार करती है। राज्य सरकार ने पिछले दफे जिन 12 लोगों को विधान पार्षद मनोनीत किया था उनमें से एक उपेंद्र कुशवाहा ने इस्तीफा दे दिया था। उपेंद्र कुशवाहा के स्थान पर ही डॉ. राजवर्धन आजाद को विधान पार्षद मनोनीत किया गया है।


इससे पहले बिहार सरकार ने 2019 में राजवर्धन आजाद को बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया था। डॉक्टर राजवर्धन आजाद 2014 में गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे देश के जाने माने नेत्र चिकित्सक रहे हैं और उन्हें प्रतिष्ठित बीसी रॉय अवार्ड भी मिल चुका है।