Bihar News: दिलीप जायसवाल बार-बार मंत्री को ईमानदार बनने की बात कर रहे. कह रहे मंत्री जब ईमानदार बनेगा, तभी नीचे कार्रवाई होगी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री के इस बयान से कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
ईमानदारी अभियान पर निकले दिलीप जायसवाल
बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता व सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का जिम्मा संभालने वाले दिलीप जायसवाल ईमानदारी अभियान पर निकल पड़े हैं. मंत्री दिलीप जायसवाल ने आज फिर से मंत्रियों की ईमानदारी पर बोला है. उन्होंने कहा कि मेरा दो अभियान है. पहला यह कि मंत्री ईमानदार बने. मिनिस्टर ईमानदार होगा, तभी नीचे कार्रवाई संभव है. इसलिए पहला काम है कि मंत्री को ईमानदार होना होगा. मेरा दूसरा अभियान है भ्रष्टाचारियों पर प्रहार करना. मंत्री अगर इमानदार है तो उनके कलम में ताकत होगी. तब मंत्री कलम की ताकत से भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करेगा. मेरा अभियान जारी है.
मंत्री को इमानदार होना होगा...तो पहले वाले ईमानदार नहीं थे ?
मंत्री को ईमानदार होना होगा. दिलीप जायसवाल के बार-बार इस तरह के बयान देने से भाजपा के अंदर से ही कई सवाल उठने लगे हैं. दल के अंदर ही सुगबुगाहट शुरू कि, पूर्व मंत्री जिन्होंने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी संभाली, वे ईमानदार नहीं थे ? ईमानदार नहीं थे, तभी वे राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई करने में सक्षम नहीं हुए? इसी वजह से इस विभाग में भ्रष्टाचार खत्म होने की बजाय और बढ़ गया ? दिलीप जायसवाल यह बयान देकर भाजपा कोटे के अन्य मंत्रियों पर सवाल खड़े नहीं कर रहे ? दिलीप जायसवाल की ईमानदारी के बाद भी अगर राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ, तब मंत्री जी की ईमानदारी सिर्फ दिखावे भर थी ? ये तमाम सवाल दल के अंदर से ही उठ रहे हैं.
एनडीए सरकार में भाजपा के पास रहा है राजस्व विभाग
बता दें, बिहार में 2005 में नीतीश कुमार की सरकार आई. तब से यह विभाग भाजपा के खाते में है. भाजपा कोटे के विधायक ही अधिकांश समय तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का जिम्मा संभालते रहे हैं. दिलीप जायसवाल से पहले इस विभाग का जिम्मा डिप्टी सीएम रहते विजय कुमार सिन्हा के पास था. इन्होंने भी विभाग में सुधार का अभियान शुरू किया . विजय सिन्हा से पहले भाजपा कोटे के विधायक संजय सरावगी इस विभाग को संभाल चुके हैं, ये वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं.
संजय सरावगी से पूर्व दिलीप जायसवाल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री थे. महागठबंधन की सरकार में यह विभाग राजद कोटे में गया, जिसमें ललित यादव और आलोक कुमार मेहता मंत्री रहे. 2020-2022 तक एनडीए सरकार में भाजपा कोटे के रामसूरत राय राजस्व एवं भूमि सुधार का जिम्मा संभाल चुके हैं. बीजेपी के वरिष्ठ विधायक राम नारायण मंडल भी 2017-2020 के बीच एनडीए सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का दायित्व संभाल चुके हैं.





