ब्रेकिंग
बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाबबिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाब

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ चलेगा केस, कर्नाटक हाई कोर्ट ने गवर्नर के फैसले को सही बताया

DESK: कर्नाटक हाई कोर्ट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने जमीन घोटाले में गवर्नर के फैसले को सही बताते हुए सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने को हरी झंडी दे दी ह

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ चलेगा केस, कर्नाटक हाई कोर्ट ने गवर्नर के फैसले को सही बताया
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK: कर्नाटक हाई कोर्ट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने जमीन घोटाले में गवर्नर के फैसले को सही बताते हुए सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने को हरी झंडी दे दी है। हाई कोर्ट ने सिद्धारमैया की अर्जी को खारिज कर दिया है।


दरअसल, मैसूर जमीन घोटाले में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने को मजूरी दी थी। राज्यपाल के इस पैसले सिद्धारमैया ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कर्माटक हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बीते 12 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया।


जस्टिस नागप्रसन्ना की पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए राज्यपाल के फैसले को सही करार दिया और सीएम सिद्दारमैया की याचिका को खारिज कर दिया। हाई कोर्ट के इस फैसले पर बीजेपी ने कहा है कि सिद्धारमैया के पास अब इस्तीफा देने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।


बता दें कि सीएम सिद्धारमैया की पत्नी बीएम पार्वती को मैसूर के एक पॉश इलाके में जमीन का आवंटन किया गया था। सपत्ति की कीमत उनकी भूमि के स्थान की तुलना में अधिक था, जिसे MUDA द्वारा सीएम की पत्नी को अधिगृहित किया गया था। 


पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले फिफ्टी-फिफ्टी अनुपात योजना के तहत भूखंड आवंटित किए थे, जहां MUDA ने एक आवासीय लेआउट विकसित किया था। जमीन आवंटन में घोटाले की आरोप लगने के बाद राज्यपाल ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दी थी।