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‘कांग्रेस डूबती हुई नाव, जो बैठेगा उसका डूबना तय’ BJP बोली- नीतीश को अपनी गलती का एहसास.. इसलिए I.N.D.I.A की बैठक से किया किनारा

PATNA: तीन राज्यों में कांग्रेस को मिली करारी हाल के बाद दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक से ममता बनर्जी और अखिलेश यादव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के किनारा करने के बाद इसको लेकर

‘कांग्रेस डूबती हुई नाव, जो बैठेगा उसका डूबना तय’ BJP बोली- नीतीश को अपनी गलती का एहसास.. इसलिए I.N.D.I.A की बैठक से किया किनारा
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: तीन राज्यों में कांग्रेस को मिली करारी हाल के बाद दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक से ममता बनर्जी और अखिलेश यादव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के किनारा करने के बाद इसको लेकर सियासत तेज हो गई है। बीजेपी का कहना है कि इन लोगों को अच्छी तरह से पता चल चुका है कि कांग्रेस के साथ उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा, इसलिए किसी न किसी बहाने उससे किनारा करने की कोशिश में जुट गए हैं। 


नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कांग्रेस को डूबता हुआ नाव बताया है। विजय सिन्हा ने कहा है कि डूबते हुए नाव की जो सवारी करेगा उसका डूबना तय है। बिहार में सात दलों का जो महागठबंधन बना इंडी उसी का रूप है। बिहार में बीजेपी के सत्ता से अलग होने के बाद जितने भी चुनाव हुए उसमें महागठबंधन को मुंह की खानी पड़ी और बीजेपी को जीत मिली। इनके गठबंधन का रिजल्ट जनता पहले ही आउट कर चुकी है।


उन्होंने कहा कि बिहार के भीतर इन लोगों ने जातीय उन्माद फैलाने की कोशिश की। धार्मिक उन्माद फैलाने और तुष्टीकरण की राजनीति करने का खेल खेला। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर सत्ता में शामिल भ्रष्टाचारियों और अपराधियों को बचाने की कोशिश की है। बिहार की जनता इनसे मुक्ति चाहती है, इसका आभाष इन्हें हो चुका है। ये लोग अच्छी तरह से जान गए हैं कि कांग्रेस के साथ रहने के उनकी जो बचीखुची साख है वह भी चली जाएगी, इसलिए उससे अलग होने का बहाना ढूंढ रहे हैं।


विजय सिन्हा ने कहा है कि महागठबंधन में शामिल जेडीयू और आरजेडी समेत अन्य दल केवल कांग्रेस पर ही हार का ठिकरा क्यों फोड़ रहे हैं, बिहार में तो महागठबंधन के सभी सात दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। जिस दल के भीतर जातीय उन्माद, धार्मिक उन्माद और भ्रष्टाचार रहेगा उसका नाश निश्चित है और जो सबका साथ सबका विकास के भाव से चलेगा वही आगे बढ़ेगा।  नीतीश कुमार को अपनी गलती का एहसास हो गया है इसलिए बैठक में नहीं जा रहे हैं।