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Bihar Politics: नीतीश के सामने चिराग पासवान का सरेंडर, सीएम हाउस में कई अहम मुद्दों पर चर्चा

Bihar Politics: नीतीश कुमार और चिराग पासवान की सीएम हाउस में मुलाकात, सीट शेयरिंग और रणनीति पर चर्चा। चिराग की पार्टी को ज्यादा सीटों की उम्मीद।

Bihar Politics
सीएम हाउस में नीतीश कुमार और चिराग पासवान की मुलाक़ात
© रिपोर्टर
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार सुबह लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए हो रही है। चिराग पासवान की पार्टी को उनकी इच्छा से अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है।


बताते चलें कि चिराग और नीतीश का रिश्ता कभी सहयोगी तो कभी विरोधी रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग ने नीतीश की जनता दल (यूनाइटेड) के खिलाफ अलग राह चुनी थी, जिससे जेडीयू को कई सीटों पर नुकसान हुआ। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों नेताओं ने एनडीए गठबंधन में एकजुटता दिखाई। चिराग की पार्टी ने हाजीपुर सहित पांचों सीटों पर जीत हासिल की, जिसमें नीतीश के प्रचार का भी योगदान रहा। अब यह मुलाकात दोनों के बीच नई दोस्ती को मजबूत करने और गठबंधन की रणनीति को पक्का करने का संकेत दे रही है।


बता दें कि बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए एनडीए के भीतर सीट बंटवारा एक बड़ी चुनौती है। चिराग पासवान ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी को झारखंड में बीजेपी से मिली चतरा सीट से संतुष्टि है और बिहार में भी सम्मानजनक हिस्सेदारी की उम्मीद है। जेडीयू और बीजेपी, गठबंधन के बड़े दल होने के नाते, ज्यादा सीटें चाहते हैं।


सूत्रों के अनुसार, नीतीश और चिराग की मुलाकात में सीट बंटवारे के साथ-साथ उम्मीदवार चयन और क्षेत्रीय जातिगत समीकरणों पर भी चर्चा हुई। चिराग की युवा अपील और पासवान समुदाय पर उनकी पकड़ दलित वोटों को साधने में अहम है, जबकि नीतीश का अनुभव गठबंधन की ताकत है।


चिराग ने हाल ही में जातिगत जनगणना के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की और इसे अपने पिता रामविलास पासवान के सपने से जोड़ा। यह मुद्दा बिहार में संवेदनशील है और चुनाव में बड़ा रोल निभा सकता है। चिराग ने यह भी साफ किया कि उनकी मुख्यमंत्री बनने की कोई लालसा नहीं है और वह नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने को तैयार हैं। इस मुलाकात ने विपक्षी महागठबंधन, खासकर राजद और कांग्रेस, के लिए बड़ी चुनौती पेश कर दी है। एनडीए का लक्ष्य 225 सीटों पर जीत का है, और नीतीश-चिराग की जोड़ी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रणनीति को और मजबूत कर रही है।


प्रेम राज की रिपोर्ट

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