1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 31 Jul 2025 03:34:09 PM IST
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Bihar Politics: मुकेश सहनी को लेकर बिहार का सियासी पारा गर्म हो चुका है. मुकेश सहनी एनडीए के साथ आएंगे या नहीं इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हलांकि बीजेपी अध्यक्ष ने जो बयान दिया है उसके काफी मायने निकाले जा रहे हैं.
राजनीति संभावनाओं का खेल है
मुकेश सहनी एनडीए के साथ आएंगे इससे जुडा सवाल जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने बडा बयान दिया. सहनी के एनडीए के साथ आने के सवाल पर दिलीप जायसवाल ने कहा राजनीति संभावनाओं का खेल है. राजनीति में कुछ भी संभव है. बीजेपी अध्यक्ष ने ये बयान तब दिया जब बीजेपी की ओर से मिलन समारोह का आयोजन किया गया था और बुद्धिजीवी समाज से जुडे कई लोगों ने बीजेपी का दामन थामा.
दो लड़कों से यूपी में कुछ हो न सका बिहार में क्या करेंगे
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि यूपी से भी दो लडके निकले थे. लेकिन क्या हाल हुआ सभी जानते हैं. दवा लाते लाते बहुत देर कर दी. जनता इस बात को समझ चुकी है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार काम कर रही है. गांव गांव में बिजली बिल जीरो होने जा रहा है. पेंशन की राशि बढा दी गई है. आशा ममता बहन का मानदेय बढा. डोमिसाईल नीति के तहत 100 फीसदी आरक्षण महिलाओं को दिया गया. पूरे बिहार में पुल ही पुल नजर आते हैं अब. पहले रामायाण महाभारत का सीरियल हमलोग बैटरी चार्ज कर देखते थे. आज केवल पटना में10 यूनिवर्सिटी हैं. दो एम्स हैं मेडिकल कॉलेज खुल रहे. इंजीनियरिंग कालेज खुल रहे. जनता ने विकास का स्वाद चख लिया है. और विपक्ष के नेता अब निकल रहे. जनता एनडीए के साथ है.
चिराग पासवान की नाराजगी पर बोले
दिलीप जायसवाल ने कहा कि चिराग पासवान अपराध के मामले में तब बोले जब घटना हुई थी. गोपाल खेमका हत्याकांड में अपराधी पकडे गए एक एनकाउंटर हुआ. पारस हॉस्पीटल में जो घटना हुई उसमें अपराधी को खींचकर कोलकाता से लाया गया. चिराग पासवान ने माना है बिहार में कानून का राज है. और नीतीश कुमार के नेतृत्व में भारी बहुमत से जीत हासिल होगी. 243 सीट पर एनडीए को जिताना चिराग पासवान की भी जिम्मेवारी.
सीएजी की रिपोर्ट फाईनेंसिएल बैकलॉग
सीएम की रिपोर्ट पर सरकार पर उठने वाले सवाल का जवाब देते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट पर जिसे गबन दिखाया जा रहा है वो फाईनेंसिएल बैकलॉग है. बिहार की जनता चीजों को समझ रही है. विपक्ष को 2024 का बैकलॉग दिख रहा है. लेकिन 2023 की सीएजी रिपोर्ट में बैकलॉग कितना है ये नहीं दिख रहा. 2021-22 में बैकलॉग कितना था ये नहीं दिख रहा. 2005 और 1995 में कितना बैकलॉग था ये भी ख्याल नहीं है. कोई भी आरोप लगाने से पहले दस साल का हिसाब देखना होगा. ये फाईनेंसिएल बैकलॉग है. तीन साल चार साल में अलग अलग डिपार्टमेंट से हिसाब आता है और बैकलॉग क्लीयर होता जाता है. जनता हंस रही है कि तेजस्वी अगर इस तरह का आरोप लगा रहे तो पहले का भी हिसाब दे दें.