Bihar Politics: बिहार में बनी नई सरकार: 26 मंत्रियों ने शपथ ली, 19 पुराने चेहरे बाहर; इतने नए चेहरों की एंट्री

Bihar Politics: इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हम (हमार पार्टी) और रालोमो से कुल 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है। लेकिन बड़ी बात यह है कि पिछली सरकार के 19 मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 20 Nov 2025 01:03:07 PM IST

Bihar Politics

बिहार की राजनीतिक में हलचल - फ़ोटो GOOGLE

Bihar Politics: बिहार में नई सरकार ने आधिकारिक रूप से आकार ले लिया है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथग्रहण समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुबह से ही गांधी मैदान में राजनीतिक हलचल तेज थी, क्योंकि एनडीए की नई सरकार का यह गठन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हम (हमार पार्टी) और रालोमो से कुल 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है। लेकिन बड़ी बात यह है कि पिछली सरकार के 19 मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई है, जबकि 12 नए चेहरे पहली बार मंत्री पद पर पहुंचने में कामयाब रहे हैं। इसे राजनीतिक संतुलन, सामाजिक समीकरण और चुनाव परिणामों के आधार पर किया गया सबसे बड़ा पुनर्गठन माना जा रहा है।


नई मंत्रिमंडल सूची में कई पुराने और चर्चित चेहरे गायब हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम है पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी का, जिन्हें इस बार मौका नहीं मिला। इसके अलावा पंचायती राज मंत्री केदार गुप्ता, पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र और पिछली सरकार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा, साथ ही नीरज सिंह बब्लू, कृष्ण कुमार मंटू, जीवेश मिश्रा, महेश्वर हजारी, डॉ. सुनील कुमार, शिला मंडल, प्रेम कुमार, हरि सहनी, जनक राम, राजू सिंह, विजय कुमार मंडल, रत्नेश सदा, कृष्ण नंदन पासवान और जयंत राज को भी इस बार कैबिनेट में जगह नहीं दी गई है।


पूर्व मंत्री सुमित कुमार सिंह स्वयं चकाई विधानसभा सीट हार गए थे, इसलिए उनका बाहर होना तय माना जा रहा था। वहीं, रीगा के विधायक मोतीलाल प्रसाद को टिकट ही नहीं मिला, उनकी जगह नए उम्मीदवार को उतारा गया था। नई कैबिनेट में 12 नए नेताओं को स्थान मिला है। इनमें कई ऐसे नाम हैं जो पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं या पहली बार मंत्रिपरिषद में शामिल हुए हैं।


नई कैबिनेट में 12 नए नेता

रामकृपाल यादव – BJP

संजय सिंह टाइगर – BJP

अरुण शंकर प्रसाद – BJP

रमा निषाद – BJP

लखेंद्र कुमार रौशन – BJP

श्रेयसी सिंह – BJP

संजय कुमार – LJP(R)

संजय कुमार सिंह – LJP(R)

दीपक प्रकाश – RLM (रालोमो)


इनमें से सबसे अधिक चर्चा दीपक प्रकाश कुशवाहा की हो रही है, जो रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं। वे अभी विधान सभा या विधान परिषद के सदस्य भी नहीं हैं, लेकिन उन्हें मंत्री बना दिया गया है। उन्हें अगले छह महीने के भीतर एमएलसी बनाना अनिवार्य होगा। यह फैसला उपेंद्र कुशवाहा की बढ़ती राजनीतिक ताकत और लव-कुश समीकरण को ध्यान में रखते हुए लिया गया बताया जा रहा है।


मंत्रिमंडल में सबसे चर्चित और युवा चेहरों में से एक हैं अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी श्रेयसी सिंह। वे लगातार दूसरी बार जमुई से विधायक चुनी गई हैं। इस बार उन्हें कैबिनेट में प्रवेश मिलना पहले से ही तय माना जा रहा था, क्योंकि उन्होंने विधानसभा चुनाव में जोरदार प्रदर्शन किया। बीजेपी नेतृत्व उन्हें बिहार की युवा और महिला राजनीति का चेहरा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।


मुजफ्फरपुर के औराई सीट से पहली बार जीत दर्ज करने वाली रमा निषाद को भी मंत्री पद से नवाज़ा गया है। वे पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। चुनाव में उन्होंने बिहार की सबसे बड़ी लीड 57 हजार से अधिक से जीत दर्ज की थी। उनकी जीत ने निषाद समाज को साधने की बीजेपी की रणनीति को नई मजबूती दी है।


मंत्रिमंडल गठन में कई राजनीतिक संदेश

नई सरकार और मंत्रिमंडल संरचना से कई राजनीतिक संदेश निकलते हैं-

लव-कुश समीकरण मजबूत करना — दीपक प्रकाश के ज़रिए कुशवाहा समाज को बड़ा संदेश।

महिलाओं को बढ़ती भूमिका — श्रेयसी सिंह और रमा निषाद जैसी महिलाओं की एंट्री।

नए चेहरों पर दांव — 12 नए मंत्रियों को शामिल कर पार्टी ने भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में कदम उठाया है।

चुनावी परफॉर्मेंस के आधार पर चयन — पिछली सरकार के कई कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रियों को बाहर कर दिया गया है।

एनडीए की एकजुटता — बीजेपी, जेडीयू, लोजपा आर, हम और रालोमो — सभी को उचित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश।