Bihar Politics: JDU के बाद BJP कार्यालय में भी लगे सीएम नीतीश और पीएम मोदी के पोस्टर, बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष को बड़ा मैसेज

Bihar Politics: बिहार में एनडीए की एकजुटता अब पोस्टरों में नजर आ रही है. बीजेपी और जेडीयू कार्यालयों में मोदी-नीतीश की साझा तस्वीरें लगाई गईं है. जिससे विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की मजबूती का संदेश दिया गया है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 03, 2025, 2:15:44 PM

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- फ़ोटो reporter

Bihar Politics: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत की रणनीति सेट होने लगी है। कुछ दिन पहले जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में लगे पोस्टर में सीएम नीतीश कुमार के साथ पीएम मोदी की तस्वीर सामने आई थी। अब बीजेपी कार्यालय में भी पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें पीएम मोदी के साथ सीएम नीतीश कुमार की तस्वीर दिख रही है। एनडीए के दोनों प्रमुख दलों ने इन पोस्टर के जरिए विरोधियों को बड़ा मैसेज दे दिया है।


दरअसल, बिहार की राजनीति में एनडीए की एकजुटता अब राजनीतिक पोस्टरों और बैनरों के ज़रिए खुलकर सामने आ रही है। पहले जेडीयू कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संयुक्त तस्वीर लगाई गई, अब बीजेपी प्रदेश कार्यालय में भी सीएम नीतीश को जगह दी गई है।


बीजेपी दफ्तर में लगाए गए नए पोस्टरों पर लिखा गया है, "सोच दमदार, काम असरदार, फिर एक बार एनडीए सरकार"। इसमें प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साझा तस्वीर है, जो गठबंधन की मजबूती और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट रणनीति का स्पष्ट संकेत देती है।


माना जा रहा है कि यह कदम एनडीए घटक दलों के बीच समन्वय और मतदाताओं को सकारात्मक संदेश देने की एक रणनीति है। पोस्टरों के ज़रिए यह संदेश देने की कोशिश हो रही है कि बीजेपी और जेडीयू फिर से मिलकर बिहार की सत्ता में वापसी के लिए तैयार हैं।


बिहार एनडीए में बीजेपी और जेडीयू के अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास), जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवारा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। जल्द ही एनडीए में सीटों का बंटवारा हो जाएगा। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों में पुराने समीकरण के आधार पर सीटों का बंटवारा हो सकता है।


बता दें कि बिहार में नीतीश कुमार सरकार का मौजूदा कार्यकाल 23 नवंबर 2020 से शुरू होकर 22 नवंबर 2025 तक है। इसलिए चुनाव उससे पहले, सितंबर से अक्टूबर 2025 के बीच आयोजित कराए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि सितंबर-अक्टूबर में लागू हो सकती है। वोटिंग और मतगणना अक्टूबर अंत या नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है।