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बिहार में कई दिग्गजों के बेटे और बेटी की हुई हार, वंशवाद को वोटरों ने नकारा

PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कई दिग्गज नेता अपने बेटे और बेटी को चुनाव लड़ा रहे थे. राजनीतिक विरासत को बेटे और बेटियों के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहते थे लेकिन बिहार ने कई सीटो

बिहार में कई दिग्गजों के बेटे और बेटी की हुई हार, वंशवाद को वोटरों ने नकारा
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कई दिग्गज नेता अपने बेटे और बेटी को चुनाव लड़ा रहे थे. राजनीतिक विरासत को बेटे और बेटियों के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहते थे लेकिन बिहार ने कई सीटों पर नकार दिया है. 

शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा हारे

शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा कांग्रेस के टिकट पर पटना के बांकीपुर से चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन वह जीत नहीं पाए. पहली बार राजनीति में लॉन्च हुए थे. शत्रुघ्न सिन्हा भी बीजेपी से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुए थे, लेकिन लोकसभा का चुनाव हार गए थे.

शरद यादव की बेटी हारी

राजनीति के दिग्गज शरद यादव ने भी इस चुनाव में अपने बेटी राजनीति में लेकर आए. चुनाव के कुछ दिन पहले वह कांग्रेस में शामिल हुई. कांग्रेस ने सुभाषिनी शरद यादव को बिहारीगंज से टिकट दिया, लेकिन वह चुनाव हार गई. 


9 बार विधायक रहे सदानंद सिंह का बेटा हारे

कांग्रेस के सीनयर नेता सदानंद सिंह कहलगांव सीट से नौ बार विधायक रह चुके हैं. इस बार बेटे को आगे बढ़ाना चाहते थे, खुद न चुनाव लड़कर बेटे को टिकट दिलाया ,लेकिन उनके बेटे शुभानंद पिता की परंपरागत सीट भी बचा नहीं पाए. वह चुनाव हार गए. 


जय प्रकाश की बेटी हारी

आरजेडी नेता जयप्रकाश नारायण यादव ने अपनी बेटी दिव्या प्रकाश को आगे लेकर आए, लेकिन पार्टी से टिकट दिलाकर तारापुर सीट से मैदान में उतार. तेजस्वी यादव समेत कई नेता प्रचार किए. इसके बाद भी दिव्या प्रकाश चुनाव हार गई. इस तरह के कई नेताओं के और बेटे बेटी और रिश्तेदार चुनाव हार गए.