ब्रेकिंग
जमुई में ITBP जवान का वीडियो वायरल, बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप; आपत्तिजनक टिप्पणी से बढ़ा विवादगोपालगंज में भीषण गर्मी का असर, कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल 27 जून तक बंद; DM ने जारी किया आदेशएक विवाह ऐसा भी: पटना में 21 जून को 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह, 14 दिव्यांग जोड़े भी होंगे शामिल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे शिरकत सीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा बनीं SDO, BPSC में 201वीं रैंक हासिल कर तीसरे प्रयास में पाई सफलताभरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांगजमुई में ITBP जवान का वीडियो वायरल, बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप; आपत्तिजनक टिप्पणी से बढ़ा विवादगोपालगंज में भीषण गर्मी का असर, कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल 27 जून तक बंद; DM ने जारी किया आदेशएक विवाह ऐसा भी: पटना में 21 जून को 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह, 14 दिव्यांग जोड़े भी होंगे शामिल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे शिरकत सीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा बनीं SDO, BPSC में 201वीं रैंक हासिल कर तीसरे प्रयास में पाई सफलताभरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

बिहार में फिर सामने आई बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर, हॉस्पिटल के बाहर ठेले पर इलाज करते दिखे डॉक्टर

VAISHALI: बिहार में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा सरकार करती है लेकिन बिहार में बदहाल स्वास्थ्य सिस्टम की एक तस्वीर वैशाली के महनार से सामने आयी है। जहां एक व्यक्ति को ईलाज के ल

बिहार में फिर सामने आई बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर, हॉस्पिटल के बाहर ठेले पर इलाज करते दिखे डॉक्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

VAISHALI: बिहार में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा सरकार करती है लेकिन बिहार में बदहाल स्वास्थ्य सिस्टम की एक तस्वीर वैशाली के महनार से सामने आयी है। जहां एक व्यक्ति को ईलाज के लिए परिजन ठेले पर लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। ठेले पर मरीज को अस्पताल लेकर आने की बात तो समझ में आता है लेकिन उसके बाद जो हुआ वह हैरान करने वाला था। 


बताया जाता है कि महनार नगर के देशराजपुर वार्ड संख्या 26  निवासी गनेशी पासवान के 32 वर्षीय पुत्र अरुण पासवान की गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद परिजन ठेले पर लेकर महनार समुदायिक स्वास्थ्य केद्र पहुंच गये। तब महनार हॉस्पिटल के डॉक्टर हॉस्पिटल के बाहर ही ठेले पर मरीज का इलाज किया और ठेले पर ही मरीज की मौत हो गई। फिर ठेले से ही परिजन अरुण पासवान के शव को लेकर घर चले गए। 


ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या मरीज को अस्पताल के अंदर नहीं ले जाना चाहिए था? क्या मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन को एम्बुलेंस से शव नहीं भेजना चाहिए था? बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर आए दिन सामने आती है लेकिन ना तो अस्पताल की व्यवस्था सुधर रही है और ना ही अस्पताल कर्मियों और डॉक्टरों का रवैय्या। जबकि सरकार बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा करती है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव जी देखिये यह तस्वीर वैशाली जिले की है। जहां ठेले पर ही मरीज का इलाज किया गया और इस दौरान मरीज की मौत हो गयी। आखिर कौन हैं इस मौत का जिम्मेदार? 


बिहार में फिर सामने आई बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर, हॉस्पिटल के बाहर ठेले पर इलाज करते दिखे डॉक्टर

बिहार में फिर सामने आई बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर, हॉस्पिटल के बाहर ठेले पर इलाज करते दिखे डॉक्टर

बिहार में फिर सामने आई बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर, हॉस्पिटल के बाहर ठेले पर इलाज करते दिखे डॉक्टर

बिहार में फिर सामने आई बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर, हॉस्पिटल के बाहर ठेले पर इलाज करते दिखे डॉक्टर

बिहार में फिर सामने आई बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर, हॉस्पिटल के बाहर ठेले पर इलाज करते दिखे डॉक्टर

रिपोर्टिंग
V

रिपोर्टर

Vikramjeet

FirstBihar संवाददाता