JAMU: जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के आनंदपुर गांव निवासी तथा वर्तमान में आईटीबीपी में तैनात बताए जा रहे जवान राजकुमार दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में जवान ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर नाराजगी जताते हुए एक महिला पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ भी आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
वीडियो में राजकुमार दास स्वयं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाला बताते हुए दावा करता है कि भरत भूषण तिवारी के साथ हुई कार्रवाई गलत थी। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने किसी के इशारे पर गोली चलाई होगी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। उसने भरत भूषण तिवारी को "क्रांतिकारी" बताते हुए उनके समर्थन में भी बयान दिया।
वायरल वीडियो में जवान ने जमुई पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि कई मामलों में थानों में प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय समझौता कराने की कोशिश की जाती है। उसने अपने एक रिश्तेदार के साथ मारपीट की घटना का हवाला देते हुए दावा किया कि गिद्धौर थाना में दो दिनों तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाता रहा। इन आरोपों के समर्थन में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
वीडियो में गिद्धौर थाना की महिला थाना प्रभारी के विरुद्ध भी जवान ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। इसके अलावा उसने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर चेतावनी भरे अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे एनकाउंटर सत्ता को हिला सकते हैं। वीडियो में उसने स्वयं को भीम आर्मी समर्थक बताते हुए कहा कि वह किसी भी निहत्थे व्यक्ति के कथित एनकाउंटर का विरोध करता है।
इस मामले पर जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में है। उन्होंने बताया कि संबंधित जवान जहां तैनात है, वहां के वरीय अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा। साथ ही वायरल वीडियो और उसमें की गई टिप्पणियों के आधार पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच के बाद क्या कार्रवाई करते हैं





