Vande Bharat Train News: पटना से गोरखपुर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर असामाजिक तत्वों के निशाने पर आ गई. पूर्वी चंपारण के सुगौली रेलवे स्टेशन के पास उपद्रवियों ने चलती ट्रेन पर पथराव कर दिया. पत्थर लगने से ट्रेन की खिड़की का शीशा टूट गया. अचानक हुए हमले से ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई और कुछ देर के लिए चीख-पुकार की स्थिति बन गई. राहत की बात रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है.
जानकारी के अनुसार पटना से गोरखपुर जाने के दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस जैसे ही पूर्वी चंपारण के सुगौली रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, उसी दौरान बाहर से ट्रेन पर पत्थर फेंके गए. पथराव इतना तेज था कि ट्रेन की एक खिड़की का शीशा टूट गया. जिस सीट के पास खिड़की का शीशा टूटा, वहां कोई यात्री नहीं बैठा था. ऐसे में बड़ा हादसा होने से टल गया.
चलती ट्रेन में अचानक पत्थर लगने और शीशा टूटने से यात्रियों में डर का माहौल बन गया. कुछ यात्रियों ने घटना की जानकारी रेलवे कर्मचारियों को दी. इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल को मामले की सूचना दी गई.
RPF ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल की टीम सक्रिय हो गई. RPF ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पथराव करने वाले लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. आसपास के इलाके में पूछताछ के साथ-साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
रेलवे पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेन पर पथराव किस जगह से किया गया और इसमें कितने लोग शामिल थे. आरोपितों की पहचान के लिए आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है.
पहले भी वंदे भारत को बनाया जा चुका है निशाना
पटना-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों को असामाजिक तत्वों की ओर से निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं. ट्रेन पर पथराव की घटनाओं से रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है.
पथराव के दौरान अगर पत्थर यात्री के पास लगे शीशे पर लगता है तो गंभीर हादसा हो सकता है. इस घटना में भी शीशा टूटने के बावजूद यात्री के घायल नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया.
वंदे भारत जैसी हाईस्पीड ट्रेन पर बार-बार पथराव की घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. रेलवे और RPF के सामने ऐसे उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें रोकने की चुनौती बनी हुई है.





