1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 22 Nov 2025 09:49:44 AM IST
दीपक प्रकाश लव स्टोरी - फ़ोटो GOOGLE
Deepak Prakash Love Story: बिहार की नई सरकार में जींस‑शर्ट और क्रॉक्स पहनकर शपथ लेने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। दीपक प्रकाश बिना चुनाव लड़े सीधे मंत्री बन गए हैं, जिससे उन्हें ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दीपक की तस्वीरें शेयर कर टिप्पणी की कि “जींस‑शर्ट और क्रॉक्स पहनकर शपथ लेने वाले दीपक प्रकाश बिहार के पहले मंत्री बने हैं।” कुछ ने इसे परिवारवाद का उदाहरण बताया और कहा कि “पति सिम्बल लेकर विधायक बनीं, बेटा सीधे मंत्री… लोकतंत्र में राजतंत्र का नया उदाहरण।”
दीपक प्रकाश का राजनीतिक परिवार
दीपक प्रकाश का परिवार बिहार की राजनीति में जाना‑माना नाम है। उनकी मां स्नेहलता इस बार अपने पति की पार्टी से चुनाव लड़ी और लगभग 25,000 वोटों के अंतर से जीत गईं। उनके पिता उपेन्द्र कुशवाहा वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में उन्होंने काराकाट लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। दीपक प्रकाश का जन्म 22 अक्टूबर 1989 को हुआ था। उन्होंने 2019 में राजनीति में कदम रखा। 2025 के विधानसभा चुनाव में दीपक और उनकी पत्नी साक्षी मिश्रा ने मिलकर माँ स्नेहलता के लिए प्रचार किया। हालांकि दीपक ने स्वयं चुनाव नहीं लड़ा।
दीपक प्रकाश और साक्षी मिश्रा की लव स्टोरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दीपक प्रकाश ने उत्तर प्रदेश की रहने वाली साक्षी मिश्रा से प्रेम विवाह किया है। साक्षी मिश्रा रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एस. एन. मिश्रा की बेटी हैं। उनके दो बहनें और एक भाई हैं, जबकि उनकी माँ का निधन हो चुका है। साक्षी मिश्रा उत्तर प्रदेश के मिश्रा परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जबकि दीपक प्रकाश ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) समुदाय से आते हैं। दोनों का विवाह इंटर‑कास्ट है और शादी के बाद साक्षी ने दोनों जातियों को जोड़कर नया नाम अपनाया। 2025 के विधानसभा चुनाव में, साक्षी मिश्रा पहली बार सार्वजनिक चर्चा में आईं, जब उन्होंने अपनी सासू माँ स्नेहलता के प्रचार के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई। साक्षी सोशल मीडिया पर सामाजिक मुद्दों को लेकर काफी सक्रिय रहती हैं और शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में भाग लेती हैं।
दीपक प्रकाश के जींस‑शर्ट और क्रॉक्स पहनकर शपथ लेने के बाद सोशल मीडिया पर उनके आउटफिट को लेकर मजाक और आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने लिखा कि यह परिवारवाद और नए राजनीतिक स्टाइल का प्रतीक है। वहीं कुछ लोगों ने इसे युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और नए तरीकों की झलक माना। बिहार की नई सरकार में युवा नेताओं का इस तरह उभरना, परंपरागत राजनीति में बदलाव का संकेत देता है। बिना चुनाव लड़े मंत्री बनने के बावजूद दीपक प्रकाश और उनकी पत्नी साक्षी मिश्रा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर जनता और युवाओं से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।