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बारिश के बहाने तेजस्वी ने सरकार पर साधा निशाना, कहा-हॉस्पिटल में मछलियों के साथ सुशासन के दावे, वादे भी तैर रहे है

PATNA: तेजस्वी यादव ने बारिश के बहाने बिहार सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में चंद घंटों की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त और प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त है. घर, स्कूल, विश्वविद्यालय,

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: तेजस्वी यादव ने बारिश के बहाने बिहार सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में चंद घंटों की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त और प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त है. घर, स्कूल, विश्वविद्यालय, अस्पताल, कार्यालय, दुकान, शोरूम, बाजार, गली-मोहल्लों में हर तरफ गंदे नालों का गंदा पानी जमा है. अस्पतालों में मछलियों के साथ सुशासनी निश्चय, वादे और दावे तैर रहे है.

तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी बतायें, क्या बिहार में चंद घंटों की बारिश को भी आपदा मान लेना चाहिए? चूहों पर बाढ़ का दोषारोपण एवं खोखले सुशासनी दावों वाली सरकार ने राज्यवासियों को नारकीय स्थिति में पहुंचा दिया है. पूरा विश्व नीतीश जी का न्याय के साथ स्वयं घोषित सुशासनी विकास देख रहा है. हर प्रशासनिक विफलता का दोष चूहों, प्रकृति और विपक्ष पर मढ़ने वाली भ्रष्ट नीतीश सरकार की अवसंरचनात्मक नीतियां सिर्फ बनावटी और ज़ुबानी ख़र्च है. नीतीश सरकार पूर्णतः गैरजिम्मेदार तरीके से समस्याओं से निपट रही है. बिहार में चंद घंटों की बरसात से ही इस बड़बोली सरकार की पोल-पट्टी खुल जाती है.

नीतीश कुमार और सुशील मोदी सिर्फ़ कोरी बातें बनाकर, विपक्ष को गाली देकर, खोखली राजनीतिक बयानबाजी से कुछ लोगों को डर दिखाकर और कुछ को ख़ुश कर अपनी जवाबदेही से इतिश्री कर लेते है. डबल इंजन वाली सरकार केंद्र से मांग करे कि हमारी 15 वर्ष की स्वयंभू सुशासनी सरकार का ढांचागत काग़ज़ी विकास चंद घंटों की बारिश में गल जाता है इसलिए बिहार में हुई इस बारिश को ही राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दीजिए ताकि हम अपने जनादेश चुराने वाले दाग़दार चेहरे को और अधिक दाग़दार होने से बचा सके. हमारी वैसी ही मदद करें. जैसी सृजन घोटाले और मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह जनबलात्कार कांड में की गयी. साथियों, आप हमसे प्यार करें या नफ़रत, समर्थन करे या विरोध लेकिन हमेशा आपको मुश्किल में डालने वाली विश्वासघाती नीतीश सरकार से सवाल-जवाब अवश्य करें.