DESK: बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पटना की बांकीपुर सीट जहां वर्षों से बीजेपी का कब्जा था, उस सीट पर नई पार्टी जन सुराज ने कब्जा कर लिया है। जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को भारी मतों से हरा दिया है। जो बीजेपी के लिए बड़ा झटका से कम नहीं है। वही बीजेपी को दूसरा झटका मध्य प्रदेश में लगा है। जहां दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को पराजित किया है।
जबकि गुजरात के मांजलपुर में बीजेपी उम्मीदवार ने परचम लहराया हैं। मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी 30630 वोटों के अंतर से जीत दर्जी की है। बीजेपी उम्मीदवार सतीश पटेल को कुल 55481 वोट मिले हैं। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 24851 वोट मिले हैं। मांजलपुर में नोटा पर 2247 वोट पड़े हैं।
दो विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बयान सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि "आज तीन विधानसभा उपचुनावों में आए जनादेश को हम स्वीकार करते हैं। गुजरात की मांजलपुर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी पर अपना विश्वास व्यक्त करने के लिए वहाँ की जनता का हृदय से आभार। इस विजय के लिए भाजपा के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई। बांकीपुर और दतिया में हमें अपेक्षित जनादेश प्राप्त नहीं हुआ। हम इन दोनों क्षेत्रों के चुनाव परिणामों का पूरी गंभीरता से आत्ममंथन करेंगे तथा नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाकर उनके विश्वास को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।"
बता दें कि 30 जुलाई को देश में तीन विधानसभा में उपचुनाव हुए थे, जिसका परिणाम आज सामने आ गया है। दतिया सीट से कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,056 वोटों से हरा दिया। यह सीट राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई थी। नतीजे आने के बाद अब बीजेपी की रणनीति, उम्मीदवार चयन और स्थानीय संगठन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वही बिहार विधानसभा की बांकीपुर सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले इस चर्चित सीट पर पीके ने बीजेपी के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19324 वोट से हरा दिया।
प्रशांत किशोर को कुल 64151 वोट मिले हैं, जबकि नीरज कुमार को 44827 वोट मिले हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी राजद की उम्मीदवार रेखा गुप्ता इस उपचुनाव में तीसरे स्थान पर रही हैं। उन्हें 14273 वोट मिले हैं। लेकिन चुनाव के नियमों के मुताबिक, किसी भी प्रत्याशी को अपनी जमानत राशि बचाने के लिए कुल पड़े वैध मतों का कम से कम छठा हिस्सा यानी 16.67% वोट पाना जरूरी होता है। इससे कम वोट मिलने के बाद जमानत जब्त मानी जाती है। रेखा गुप्ता को 10.95 % वोट मिले हैं। इनके साथ-साथ 23 अन्य उम्मीदवारों की भी जमानत जब्त हो गयी।
मध्य प्रदेश की दतिया सीट की कहानी भी बिहार के बांकीपुर सीट जैसा ही है। दतिया सीट पर भी लंबे समय तक बीजेपी का कब्जा था। जहां बीजेपी को करारी हार हुई। मध्य प्रदेश की दतिया उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कह कि बीजेपी जनता के फैसले का सम्मान करती है और आने वाले चुनावों में और मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी।
दतिया सीट पर उपचुनाव राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद कराया गया था। धोखाधड़ी के एक मामले में दिल्ली की अदालत से सजा मिलने के बाद उनकी विधायकी चली गई थी। जिसके बाद खाली हुई सीट पर मतदान हुआ था। कांग्रेस ने इस बार भी घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा, जबकि बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन दतिया सीट से कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,056 वोटों से हरा दिया।
वही बिहार के बांकीपुर सीट से तीन दशक तक नितिन नबीन विधायक रह चुके हैं। नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद बनाये जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। जिस पर 30 जुलाई को उपचुनाव हुआ था। जिसका नतीजा आज सामने आया है। जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर बांकीपुर से चुनाव जीत गये हैं,
वही बीजेपी के उम्मीदवार नीरज कुमार चुनाव हार गये। वहीं गुजरात के मांजलपुर में बीजेपी उम्मीदवार ने परचम लहराया हैं। मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी 30630 वोटों के अंतर से जीत दर्जी की है। बीजेपी उम्मीदवार सतीश पटेल को कुल 55481 वोट मिले हैं। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 24851 वोट मिले हैं। मांजलपुर में नोटा पर 2247 वोट पड़े हैं।





