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आनंद मोहन के बयान पर बिहार में सियासी उबाल: सम्राट चौधरी खेमें का तीखा पलटवार, कहा- पूर्व और मौजूदा सीएम की कृपा से ही जेल से छूटे

Bihar Politics: जेडीयू नेता आनंद मोहन के बयान से बिहार की राजनीति गरमा गई है। सम्राट चौधरी खेमें ने पलटवार करते हुए पूछा कि आखिर वह किसकी कृपा से जेल से बाहर आए हैं।

Bihar Politics
आनंद मोहन के बयान पर घमासान
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Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar Politics: पूर्व सांसद और जेडीयू नेता आनंद मोहन के बयान से बिहार की सियासत गर्म हो गई है। आनंद मोहन ने सीतामढ़ी में महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण के दौरान जेडीयू और बीजेपी पर अप्रत्यक्ष तौर पर बड़ा हमला बोला था और कहा कि नीतीश को जिंदा दफना दिया गया है। आनंद मोहन के इस बयान पर सम्राट चौधरी खेमें ने तीखा पलटवार किया है और कहा है कि आनंद मोहन नहीं भूलें कि वह किसकी कृपा पर जेल से छूटकार बार आए हैं।


दरअसल, सीतामढ़ी में महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर आयोजित बैठक में पहुंचे पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने बिहार की ताजा राजनीतिक हालत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिस दौर से जेडीयू को बनाने से लेकर यहां लाने तक नीतीश कुमार ने काम किया, लेकिन आज उन्हें दफन कर दिया गया, कही पर भी नीतीश कुमार का चेहरा नहीं दिख रहा है। 


उन्होंने कहा कि मंच पर शपथ ग्रहण हो रहा था नीतीश कुमार वहां मौजूद थे, 85 एमएलए के साथ खड़ा व्यक्ति था लेकिन बैनर पोस्टर में उनकी तस्वीर तक नहीं थी। बैनर पोस्टर में नीतीश कुमार का फोटो क्यों नहीं लग रहा है यह बड़ा सवाल है। नीतीश के सहयोगी क्या कर रहे हैं। क्यों नहीं आवाज उठाते हैं। नीतीश कुमार को बैनर पोस्टर से क्यों अलग कर दिया गया। नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया गया। किसने इस षड्यंत्र को अंजाम दे दिया।


आनंद मोहन के इस बयान से एक तरफ जहां जेडीयू ने किनारा कर लिया है तो वहीं दूसरी तरफ सम्राट चौधरी खेमें ने तीखा पलटवार किया है। सम्राट के करीबी माने जाने वाले सवर्ण आयोग के सदस्य राज कुमार सिंह ने बड़ा हमला बोला है और कहा है कि ये आनंद मोहन नहीं है बल्कि परिवार मोहन हैं। बिहार पीपुल्स पार्टी के गठन के समय से उनके साथ काम किया और किस तरह से उन्होंने पार्टी को चलाया इसके बारे में मुझसे बेहतर कोई नहीं जानता है।


उन्होंने कहा कि साल 2000 में जब हमको टिकट मिला तो ये उन्होंने ने उस टिकट को किससे बेचा यह तो आनंद मोहन से पूछिए। आज बेटे को मंत्री नहीं बनाए जाने पर पूर्व सीएम और वर्तमान सीएम पर आरोप लगाते हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आनंद मोहन जी आप बहुत तैश में बात करते हैं लेकिन वह समय अब बीत गया है। आनंद मोहन ने हमेशा से समाज को बांटने और बेचने का काम किया। राजपूत समाज के नाम पर केवल गंदा काम करने का काम किया।


राज कुमार सिंह ने कहा कि आनंद मोहन जैसे लोग समाज का कभी उत्थान नहीं कर सकते हैं। उन्होंने आनंद मोहन को चुनौती दी कि अगर आपको इतनी ही परेशानी है तो पत्नी और बेटे का इस्तीफा कराने के बाद मैदान में उतरें, उनको समझ में आ जाएगा कि वर्तमान मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत क्या थी। अगर वह जेल से छूटे तो पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री की कृपा से छूटे और आज जेल से छूटने के बाद बब्बर शेर बन रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, फर्स्ट बिहार

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