ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया CrPC बिल, अंग्रेजों के बनाए गए तीन कानून बदले

DELHI : इस वक्त की बड़ी खबर दिल्ली से निकल कर सामने आ रही है। जहां लोकसभा में सीआरपीसी बिल पेश किया गया है। इस नए बिल में अंग्रेजों के बनाए गए तीन कानून बदल दिया गया है।

अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया CrPC बिल, अंग्रेजों के बनाए गए तीन कानून बदले
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

DELHI : इस वक्त की बड़ी खबर दिल्ली से निकल कर सामने आ रही है। जहां लोकसभा में  सीआरपीसी बिल पेश किया गया है। इस नए बिल में अंग्रेजों के बनाए गए तीन कानून बदल दिया गया है। अमित शाह ने अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए भारतीय आपराधिक कानूनों में संपूर्ण बदलाव के लिए एक विधेयक पेश किया है। इस बिल के तहत  भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को भारतीय न्याय संहिता से बदल दिया जाएगा।


दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए तीन विधेयक पेश किया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि- ये तीनों कानून अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए थे। अब हम इसे बदल रहे हैं। इसे बदलते हुए नए कानून ला रहे हैं। अमित शाह ने जो नए कानून का एलान किया है। जिन तीन नए कानूनों की घोषणा की है उनमें भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 शामिल है। 


अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, "1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों के बनाए कानूनों के मुताबिक चलती थी। अब तीन कानूनों को बदल दिया जाएगा और देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा।" अमित शाह ने बताया कि 1).भारतीय न्याय संहिता, 2023: अपराधों से संबंधित प्रावधानों को समेकित और संशोधित करने के लिए और उससे जुड़े या उसके आकस्मिक मामलों के लिए। 2). भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023: दंड प्रक्रिया से संबंधित कानून को समेकित और संशोधित करने और उससे जुड़े या उसके प्रासंगिक मामलों के लिए। 3). भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023: निष्पक्ष सुनवाई के लिए साक्ष्य के सामान्य नियमों और सिद्धांतों को समेकित करने और प्रदान करने के लिए।