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अब कितना दिन लगेगा हुजूर?..7 साल बाद भी नहीं मिला बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा

MOTIHARI : सात साल बाद भी बाढ़ पीड़ितों को बिहार सरकार मुआवजा नहीं दे पाई है। वर्ष 2017 और 2020 में आए बाढ़ से प्रभावित दर्जनों पीड़ित परिवार मुआवजे की मांग को लेकर सरकारी कार्

अब कितना दिन लगेगा हुजूर?..7 साल बाद भी नहीं मिला बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MOTIHARI : सात साल बाद भी बाढ़ पीड़ितों को बिहार सरकार मुआवजा नहीं दे पाई है। वर्ष 2017 और 2020 में आए बाढ़ से प्रभावित दर्जनों पीड़ित परिवार मुआवजे की मांग को लेकर सरकारी कार्यालय पहुंच गये। जहां बीडीओ और सीओ को आवेदन सौंपा और मुआवजे की मांग की। बाढ़ पीड़ित सरकारी बाबू से सवाल कर रहे हैं कि अब कितना दिन लगेगा हुजूर?


बता दें कि मोतिहारी के सुगौली पंचायत उतरीं छपरा बहास गांव के भवानीपुर में वर्ष 2017 और 2020 में आई प्रलयंकारी बाढ़ से दलित, मुस्लिम और धोबी समाज के दर्जनों लोगों की जमीन और घर बाढ़ के कटाव के कारण नदी में बह गए। जिसके कारण पीड़ित परिवार बेघर हो गये। बाढ़ में बेघर हुए पीड़ित परिवारों को हुए नुकसान का मुआवजा तक नहीं दिया गया। पिछले 7 साल से ये लोग मुआवजे की मांग को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहे। अब ये लोग दौड़ते-दौड़ते पूरी तरह से थक चुके हैं और सरकारी बाबूओं से पूछ रहे हैं कि हुजूर मुआवजा मिलने में अब कितना दिन लगेगा? क्योंकि इस मामले में न तो विभाग की ओर से और न ही सरकार की ओर से कोई पहल की गयी है। अभी भी किसी तरह पीड़ित परिवार बांध पर रहकर अपना गुजर बसर करने को मजबूर हैं। 


वहीं भाकपा माले नेता भोला साह के नेतृत्व में बेघर हुए परिवार जमीन और घर को लेकर बीडीओ एवं सीओ को आवेदन देने पहुंचे थे। बाढ़ से बेघर पीड़ितों ने कहा कि जल्द ही हम लोगों के रहने के लिए जमीन और घर दिया जाए। जिससे हमलोगों का परिवार वहां रह सके। वहीं बाढ़ से बेघर परिवार ने कहा कि हमलोगों की बातें यदि अब भी नहीं सुनी गयी तो हम पूरे परिवार के साथ हम प्रखंड मुख्यालय जाएंगे और वही अपना आशियाना बनाएंगे। पीड़ितों ने कहा कि हमलोगों ने विभाग को कई बार लिखित आवेदन दिया है लेकिन आज तक उसकर कोई सुनवाई नहीं हुई। हमलोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है। हमलोग दाने-दाने को मोहताज हो चुके हैं। विभाग के लोग आते हैं और आश्वासन देकर फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं। लेकिन कुछ करते नहीं हैं। हमें पिछले सात साल से विभाग और सरकार धोखे में रखी हुई है। लेकिन अब हम लोग धोखे में रहने वाले नहीं हैं। यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन करने को हम बाध्य हो जाएंगे।