1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 02, 2026, 2:14:51 PM
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आम आदमी पार्टी (AAP) में इन दिनों अंदरूनी हलचल तेज होती नजर आ रही है। इसी बीच पार्टी ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अपने वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब अशोक कुमार मित्तल को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फैसले को पार्टी के भीतर बदलते समीकरण और नेतृत्व के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी द्वारा राज्यसभा सचिवालय को भेजे गए आधिकारिक पत्र में यह जानकारी दी गई है कि अब उपनेता की भूमिका अशोक कुमार मित्तल निभाएंगे। इसके साथ ही एक और सख्त निर्देश जारी किया गया है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए पार्टी के तय समय में से हिस्सा न दिया जाए। यह फैसला साफ तौर पर संकेत देता है कि पार्टी नेतृत्व राघव चड्ढा की भूमिका को सीमित करना चाहता है।
धीरे-धीरे बढ़ी दूरी, फिर आया बड़ा फैसला
राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। पिछले कुछ महीनों से राघव चड्ढा की सक्रियता में कमी साफ तौर पर देखी जा रही थी। वे न तो बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ रहे थे और न ही पार्टी के महत्वपूर्ण आयोजनों में उनकी मौजूदगी दिख रही थी।
जब पार्टी के प्रमुख नेता अरविंद केजरीवाल को कानूनी राहत मिली थी, तब भी राघव चड्ढा की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इस चुप्पी ने पार्टी के भीतर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए थे।
अटकलों का दौर और सियासी चर्चाएं
इसी बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ने लगी थी कि राघव चड्ढा की नजदीकियां दूसरी बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी से बढ़ रही हैं। हालांकि इन अटकलों को आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया था और कहा था कि ऐसी कोई संभावना नहीं है।
इसके बावजूद सियासी गलियारों में यह चर्चा लगातार बनी रही कि पार्टी नेतृत्व उनके रवैये से संतुष्ट नहीं है और कभी भी कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है। अब इस फैसले के बाद उन चर्चाओं को और बल मिल गया है।
अशोक कुमार मित्तल पर जताया भरोसा
नए उपनेता बनाए गए अशोक कुमार मित्तल पंजाब से आते हैं और शिक्षा जगत में उनका एक बड़ा नाम है। वे लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति भी रहे हैं और 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे।
सदन में उनकी सक्रियता और मुद्दों पर पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि उनके जरिए पार्टी राज्यसभा में अपनी रणनीति को और मजबूती देना चाहती है।
राघव चड्ढा की पहचान और भूमिका
राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और कम उम्र में ही उन्होंने राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। राज्यसभा के युवा सदस्यों में उनकी गिनती होती रही है।
उन्होंने संसद में कई अहम मुद्दे उठाए, जैसे शिक्षा की बढ़ती लागत, कॉरपोरेट घोटाले और जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने के अधिकार जैसे विषय। लेकिन हाल के दिनों में उनकी कम होती सक्रियता ने उनकी राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया है।
आगे की राजनीति पर नजर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे क्या होता है। क्या राघव चड्ढा एक बार फिर सक्रिय होकर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करेंगे या पार्टी में उनकी भूमिका सीमित रह जाएगी।