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घमासान के बाद लेटरल एंट्री के विज्ञापन पर केंद्र सरकार ने लगाई रोक, UPSC को सीधी भर्ती रोकने का आदेश

DELHI: यूपीएससी में लेटरल एंट्री को लेकर मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला ले लिया है। पीएम मोदी के निर्देश पर लैटरल बहाली पर रोक लगा दी गई है। सीधी भर्ती का रोकने

घमासान के बाद लेटरल एंट्री के विज्ञापन पर केंद्र सरकार ने लगाई रोक, UPSC को सीधी भर्ती रोकने का आदेश
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: यूपीएससी में लेटरल एंट्री को लेकर मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला ले लिया है। पीएम मोदी के निर्देश पर लैटरल बहाली पर रोक लगा दी गई है। सीधी भर्ती का रोकने का फैसला लेते हुए विज्ञापन को रद्द करने को कहा गया है। इसको लेकर कार्मिक मंत्री ने यूपीएससी को पत्र लिखा है।


दरअसल, यूपीएससी ने बीते 17 अगस्त को एक विज्ञापन निकाला था जिसमें लेटरल एंट्री के जरिए 45 संयुक्त सचिव, उपसचिव और डायरेक्टर लेबल की भर्तियां होनी थी। इस विज्ञापन के सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया था। विपक्ष ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और सरकारी बहाली में आरक्षण को खत्म करने का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ आंदोलन की बात कही।


विपक्ष के साथ साथ सरकार के सहयोगी दल भी यूपीएससी के इस विज्ञापन को लेकर सवाल उठा रहे थे और इसको लेकर शीर्ष नेतृत्व से बात करने को कहा था। विपक्ष के साथ साथ गठबंधन में घमासान छिड़ता देख आखिरकार केंद्र सरकार ने यूपीएससी के इस विज्ञापन को रद्द करने का आदेश दे दिया है और यूपीएससी में किसी भी तरह की सीधी भर्ती पर रोक लगाने को कहा है।


विवाद को बढ़ता देख खुद पीएम मोदी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और पीएम के निर्देश पर सीधी भर्ती के विज्ञापन पर रोक लगा दी गई है। केंद्रीय कार्मिक मंत्री जितेन्द्र सिंह ने यूपीएससी के चेयरमैन को पत्र लिखा है और तुरंत लेटरल बहाली के फैसले पर रोक लगाने को कहा है।