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‘केस अगर कोर्ट के संज्ञान में है तो PMLA के तहत आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती ED’, सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 16, 2024, 11:54:35 AM

‘केस अगर कोर्ट के संज्ञान में है तो PMLA के तहत आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती ED’, सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश

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DELHI: ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की जाने वाली गिरफ्तारियों को लेकर गुरुवार को एक अहम टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने कहा है कि अगर स्पेशल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत का संज्ञान लिया है तो ईडी पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के सेक्सन 19 के तहत दी गई शक्तियों का इस्तेमाल कर आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। ऐसे मे गिरफ्तारी के लिए ईडी को स्पेशल कोर्ट में आवेदन देना होगा।


सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि ईडी ने आरोपी को जांच के दौरान अरेस्ट नहीं किया, उस पर बल के लिए पीएमएलए में दी गई कड़ी शर्तें लागू नहीं होंगी। अदालत ने कहा है कि जब कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद ऐसे आरोपी को समन जारी करे और वह पेश हो जाए, तो उसे बेल मिल जाएगी। धारा 45 में दी गई जमानत की दोहरी शर्त उस पर लागू नहीं होगी। चार्जशीट पेश करने के बाद अगर प्रवर्तन निदेशालय ऐसे आरोपी को गिरफ्तार करना चाहती है, तो उसे अदालत से अनुमति लेनी होगी।


सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओका और उज्जल भुयान की पीठ ने कहा कि, “अगर धारा 44 के तहत शिकायत के आधार पर PMLA की धारा 4 के तहत अपराध का संज्ञान लिया जा चुका है तब ED और उसके अधिकारी शिकायत में आरोपी बनाए गए व्यक्ति को अरेस्ट करने के लिए धारा 19 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। अगर ED आगे की जांच में आरोपी की कस्टडी चाहती है और आरोपी पहले ही समन जारी होने पर पेश हो चुका है तो ऐसे में ईडी को स्पेशल कोर्ट ,आरोपी की हिरासत मांगनी पड़ेगी। जिसके बाद आरोपी का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।